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उत्तराखंड विधानसभा के लिए मतदान पूरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों में से 69 के लिए बुधवार को मतदान संपन्न हो गया है. इसके साथ ही 785 प्रत्याशियों के भविष्य मतपेटियों में बंद हो गया है. चुनाव आयोग ने कहा है कि आख़िरी सूचना के अनुसार 48-49 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया था लेकिन अंतिम आंकड़ा 55 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है. वहाँ कि हिंसा की किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं है. कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतार देखी गई जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ भी शामिल थीं. बाजपुर विधानसभा सीट का चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार जनकराज शर्मा की मृत्यु के कारण स्थगित कर दिया गया था. सात साल पहले नए राज्य के गठन के बाद से राज्य में विधानसभा के चुनाव दूसरी बार हुए.
राज्य की 69 विधानसभा सीटों के लिए 7491 मतदान केंद्र तैयार किए गए थे जिनपर करीब 75 हजार मतदान कर्मचारी तैनात किए गए थे. आतंकवादियों और माओवादियों की ओर से खतरों को देखते हुए अर्द्धसैनिक बलों की 65 कंपनियाँ भी तैनात की गई थीं. इन चुनावों में राष्ट्रीय दलों के 245 प्रत्याशी और क्षेत्रीय दलों के 118 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई. भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने राज्य की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 26, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने छह और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने तीन प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा. राज्य में नारायणदत्त तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार है. विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच निर्णायक लड़ाई है और पहले से किसी के सत्ता में आने का अनुमान लगाना थोड़ा कठिन है. कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी भी राज्य में सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं. विधानसभा चुनाव के साथ ही टिहरी लोकसभा उपचुनाव के लिए भी मतदान हुआ जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी विजय बहुगुणा और भाजपा प्रत्याशी मनुजेंद्र शाह समेत दस प्रत्याशियों के भाग्य का फ़ैसला होना है. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तराखंड चुनाव पर 'निर्दलीय हमला'08 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस फिर की गई महिलाओं की उपेक्षा19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बेरोज़गारी और विकास है मुद्दा19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस उत्तराखंड की चाबी सपा-बसपा के हाथ!20 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सपना देखने वाले तो हाशिए पर चले गए20 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पर्यटन को उद्योग बनाने का अधूरा सपना20 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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