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'समझौता' धमाके से संबंध नहीं: लश्कर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाके से उसका कोई संबंध नहीं है. रविवार देर रात हुई इस घटना में महिलाओं और बच्चों समेत 68 लोग मारे गए थे. इनमें से कई पाकिस्तानी नागरिक थे. धमाकों के बाद रेलगाड़ी की दो बोगियों में आग लगने के कारण कई लोग बुरी तरह से झुलस गए थे और शवों की पहचान में दिक्कतें पेश आ रही हैं. लश्कर के प्रवक्ता अब्दुल्ला ग़ज़नवी ने बीबीसी के दिल्ली दफ़्तर में फ़ोन किया और कहा कि न तो उनके गुट और न ही चरमपंथी गुट जैश-ए-मोहम्मद का इन धमाकों से कोई संबंध है. उनका कहना था कि लश्कर-ए-तैयबा निर्दोष लोगों की हत्या करने में विश्वास नहीं रखता, फिर वह चाहे हिंदू हों या मुसलमान. अब्दुल्ला ग़ज़नवी का कहना था कि उनकी लड़ाई केवल कश्मीर में सुरक्षा बलों के ख़िलाफ़ ही है. दिल्ली से छपने वाले कुछ समाचार पत्रों में मंगवार को चरमपंथी संगठनों लश्कर और जैश पर धमाकों के सिलसिले में उंगली उठाई है. उधर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना की काफ़ी निंदा हुई है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव से लेकर, अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय, यूरोपीय संघ इत्यादि सभी ने इस घटना की निंदा की है. |
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