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'मुसलमानों के लिए ख़ास योजनाएँ हों' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सच्चर समिति की सिफारिशों पर गठित केंद्रीय समिति ने कहा है कि सीमा से सटे मुस्लिम बहुल इलाक़ों के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया तो राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा हो सकता है. सच्चर समिति का गठन मुसलमानों की आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक स्थिति का जायज़ा लेने के लिए किया गया था जिसने साल 2006 में केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री अशरफ़ अली फ़ातमी की अध्यक्षता में गठित इस समिति ने भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. यह रिपोर्ट बीबीसी ने देखी है. इसमें केंद्र सरकार से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में सीटें बढ़ानें को कहा गया है. रिपोर्ट में 10 हज़ार से ज़्यादा मुस्लिम आबादी वाले इलाक़ों में मुसलमान लड़कियों के लिए नवोदय विद्यालय खोलने की बात कही गई है. राष्ट्रीय सुरक्षा रिपोर्ट में पाकिस्तान सीमा से सटे मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम चलाने की सिफारिश की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे इलाक़ों में विकास नहीं होने से राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा पैदा हो सकता है इसलिए भारत सरकार से इस तरह के ख़तरे को दूर करने के लिए जल्दी क़दम उठाने को कहा गया है. रिपोर्ट में मालेगाँव का भी ज़िक्र है और कहा गया है कि वहाँ हुई घटना मालेगाँव की दर्दनाक स्थिति को बयान करती है. | इससे जुड़ी ख़बरें उम्मीदों की कसौटी पर संविधान?27 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सच्चर रिपोर्ट संसद में पेश की गई30 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सच्चर रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई17 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सरकारी नौकरियों में 'पिछड़े' मुसलमान10 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सेना में मुसलमानों की गिनती पर हंगामा17 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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