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शुक्रवार, 26 जनवरी, 2007 को 05:29 GMT तक के समाचार
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कड़ी सुरक्षा के बीच मना गणतंत्र दिवस
सेना की तीनों टुकड़ियों ने राष्ट्रपति को सलामी दी
भारत में 58वाँ गणतंत्र दिवस देशभर में सुरक्षा के कड़े इतज़ामों के बीच मनाया गया.

राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने सेना की तीनों टुकड़ियों की सलामी ली. इस बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे.

पुतिन गुरुवार से भारत यात्रा पर हैं जो गणतंत्र दिवस समारोह के अलावा कई मसलों पर भारत से बातचीत के लिए आए हुए हैं.

इस दौरान दोनों देशों के बीच परमाणु सहयोग सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते भी हुए.

समारोह में उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मुख्य न्यायाधीश बालाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कई केंद्रीय मंत्री और हज़ारों की तादाद में लोग इकट्ठा हुए.

तीनों भारतीय सेनाओं के अलावा कई राज्यों, मंत्रालयों की ओर से आकर्षक झांकियाँ परेड में लोगों को देखने को मिली. साथ ही कई स्कूलों के बच्चे भी अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए.

राष्ट्र को संबोधन

इससे पहले गुरुवार की शाम राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति कलाम ने लोगों से देश की संप्रभुता और एकता को बनाए रखने की बात कही.

 पिछले कुछ दिनों में बच्चों के ख़िलाफ़ हुए अपराधों से पूरा देश स्तब्ध रह गया और हम सब पर काले धब्बे छोड़ गया. बच्चों के साथ क्रूरता सामाजिकता के ख़िलाफ़ है जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता
राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम

उन्होंने कहा कि कि बच्चों के साथ क्रूरता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. निठारी कांड का ज़िक्र किए बिना इस तरह के अपराधों के लिए उन्होंने कड़ी सज़ा की माँग की.

राष्ट्रपति का कहना था, "पिछले कुछ दिनों में बच्चों के ख़िलाफ़ हुए अपराधों से पूरा देश स्तब्ध रह गया और हम सब पर काले धब्बे छोड़ गया. बच्चों के साथ क्रूरता सामाजिकता के ख़िलाफ़ है जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता."

राष्ट्रपति ने आह्वान किया है कि ऐसे शिक्षित और प्रशिक्षित युवा तैयार करने का सिलसिला तेज़ किया जाए जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभाओं का लोहा मनवाएँ.

सुरक्षा कड़ी

हालांकि पूर्वोत्तर राज्यों में अलगाववादी संगठनों की ओर से इस गणतंत्र दिवस के बहिष्कार का आहवान किया गया है. इसके मद्देनज़र पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.

वहीं जम्मू-कश्मीर में भी सुरक्षा बलों की ओर से ख़ासी सावधानी बरती जा रही है. मुंबई, बनारस और मालेगाँव में पिछले वर्ष हुए चरमपंथी हमलों को ध्यान में रखते हुए अन्य राज्यों में सतर्कता बरती जा रही है.

दिल्ली में बीबीसी संवाददाताओं ने बताया कि परेड क्षेत्र और राजपथ के आसपास के सभी रास्तों को पुलिस ने अपनी निगरानी में ले लिया है और इन रास्तों से गुज़रने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है.

राजधानी में जगह-जगह पर नाकेबंदी की गई है. सीमावर्ती राज्यों से राजधानी क्षेत्र में प्रवेश कर रहे सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही है.

किसी भी अप्रिय घटना से निपटने और निशानदेही के लिए कुछ जगहों पर क्लोज़ सक्रिट टीवी लगाए गए हैं. राजधानी में हवाई क्षेत्र में निगरानी के लिए तीन हेलिकॉप्टर गश्त पर हैं.

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