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आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली नकली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और संघम सदस्यों के नकली साबित होने के बाद राज्य सरकार विवादों में घिर गई है. राज्य के पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में पिछले बुधवार को राज्य के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और पुलिस महानिदेशक के सामने 3 दलम के 79 कथित नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था. राज्य बनने के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण को पुलिस अपनी बड़ी सफलता बता रही थी. अब मुख्यमंत्री रमन सिंह मान रहे हैं कि आत्मसमर्पण करने वाले कुछ लोग नकली हो सकते हैं और वे मामले की जाँच करवाएँगे. आत्मसमर्पण करने वालों को लेकर सवाल तो तभी उठने लगे थे जब कथित नक्सलियों ने खरगोश जैसे छोटे जानवर मारने वाले छह भरमार बंदूक पुलिस को सौंपे थे. उस पर से आत्मसमर्पण करने वाले किसी भी नक्सली और संघम सदस्य की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी. यहां तक कि आत्म समर्पण करने वालों ने पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर अपने चेहरों पर भी कपड़ा लपेटा हुआ था. आत्मसमर्पण के अगले ही दिन कथित नक्सलियों ने यह कह कर सनसनी फैला दी कि उनमें से कोई भी 'नक्सली' नहीं है. भाजपा कार्यकर्ता नक्सली बनाकर पेश किए गए लोगों का कहना था कि पुलिस के आला अधिकारी उन्हें यह कर मुख्यमंत्री के सामने लाए थे कि उन्हें विशेष पुलिस अधिकारी बनाया जाएगा. कुछ लोगों का कहना था कि उनके ज़मीन-जायदाद के मुक़दमे ख़त्म करने के नाम पर लाया गया था. आत्मसमर्पण करने वाले कथित नक्सलियों में कई लोग भाजपा और कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता भी हैं. जिस केसकाल इलाके से इन कथित नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है, उस इलाके के भाजपा विधायक और संसदीय सचिव महेश बघेल ने एक बयान जारी करके कहा है, "आत्मसमर्पण करने वाले अधिकांश लोग निर्दोष किसान हैं और आधे से अधिक लोग भाजपा कार्यकर्ता हैं." एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने भी माना कि आमतौर पर किसी भी दलम में 10 से 12 नक्सली होते हैं. ऐसे में केवल 3 दलम से 79 नक्सलियों के आत्म समर्पण की कहानी गले नहीं उतरती. राज्य के पूर्व मुख्य मंत्री अजीत जोगी कहते हैं- “ सरकार ने अपनी नाकामी को छुपाने के लिए हथकंडों का सहारा लेना शुरु कर दिया है. इस फर्ज़ी आत्म समर्पण की जांच की जानी चाहिए और दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.” सरकार की सफ़ाई
लेकिन राज्य के गृहमंत्री रामविचार नेताम सभी आरोपों को खारिज़ करते हुए कहते हैं कि आत्म सपर्पण करने वाले लोग नक्सली हैं या फिर नक्सलियों के समर्थक. वे कहते हैं-“ जितने लोगों ने समर्पण किया था, सबके ख़िलाफ़ वारंट हैं.” हालांकि नेताम स्वीकारते हैं कि सभी लोगों के ख़िलाफ़ नक्सली मामले दर्ज़ नहीं हैं. आत्म समर्मण के मामले ने राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह को भी मुश्किलों में डाल दिया है. आत्म समर्पण करने वाले कथित नक्सलियों को एक-एक हज़ार रुपए देने वाले रमन सिंह इस संभावना से इंकार नहीं करते कि आत्म समर्पण करने वाले कुछ लोग निर्दोष हो सकते हैं. वह कहते हैं- “ हम इस मामले की जांच कराएंगे. हो सकता है कि इस मामले में कुछ लोग निर्दोष हों.” हालांकि यह कोई नहीं बता रहा है कि जाँच कब होगी और कौन करेगा लेकिन फ़िलहाल यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का आत्मसमर्पण03 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अब निहत्थे होगी रेलवे की सुरक्षा14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों का ट्रेन पर हमला10 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सलवादियों का सुरक्षाबलों पर हमला 03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली इलाक़ों में जाने से कतराती पुलिस13 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला, चार मरे13 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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