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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर भारत में इन दिनों शीत लहर चल रही है जिसके कारण कई लोगों की मौत हो गई है. हिमालय से आने वाली सर्द हवाएँ क़हर बरपाने वाली साबित हो रही हैं और बेघर और फुटपाथ पर रहने वाले लोग उसका निशाना बन रहे हैं. मौसम विभाग का कहना है कि शीत लहर अभी जारी रह सकती है. इसके कारण हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कई इलाक़ों में तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया. यहाँ ठंड के कारण दो और लोगों की मौत हो गई. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उत्तर प्रदेश से भी एक शख्स की मौत हुई है. राज्य में शीत लहर के कारण मरनेवालों की संख्या 41 हो गई है. राजस्थान में शीत लहर के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और रबी की फसल को नुक़सान पहुँचा है. राजस्थान में चुरू और माउंड आबू सबसे ठंडे रहे. यहाँ तापमान शून्य से एक डिग्री सेल्सियम कम रिकॉर्ड किया गया. पिलानी में तापमान 0.2 डिग्री दर्ज किया गया. हिमाचल प्रदेश में भी ठंड का प्रकोप जारी हैं. वहाँ कई स्थानों पर शून्य से कम तापमान रिकॉर्ड दर्ज किया गया. हिमाचल के किनौर और लाहौल-स्पीति ज़िलों में तापमान शून्य से छह डिग्री कम था. पंजाब और हरियाणा भी शीत लहर की चपेट में हैं. चंडीगढ़ में शनिवार को तापमान शून्य डिग्री रहा और वहाँ न्यूनतम तापमान का 35 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ टूट गया. राजधानी दिल्ली में भी शीत लहर का प्रकोप जारी है और यहाँ न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री कम है. | इससे जुड़ी ख़बरें कोहरे से आवागमन बुरी तरह प्रभावित02 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस धुँध से उत्तर भारत में यातायात प्रभावित25 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस उत्तर भारत शीत लहर की गिरफ़्त में 16 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस उत्तरी भारत शीत लहर की चपेट में23 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस ख़ुश रहिए सर्दी से बचिए28 जुलाई, 2003 | विज्ञान दुनिया का मौसम और मॉनसून 22 जनवरी, 2003 | विज्ञान जानलेवा सर्दी की मार | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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