|
'कथनी-करनी में भेद ख़त्म करना होगा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के रक्षामंत्री एके एंटनी ने पाकिस्तान से कहा है कि घुसपैठ रोकने के मामले में उसे अपनी कथनी और करनी में भेद को ख़त्म करके दिखाना होगा. उन्होंने कहा है कि इस समस्या को ख़त्म करने के लिए पाकिस्तान को गंभीर और प्रभावी क़दम उठाने होंगे. तिरुवनंतपुरम में दक्षिणी एयरकमान में एक पत्रकारवार्ता में एके एंटनी ने कहा कि सीमापार से घुसपैठ में कमी आई है लेकिन अभी यह रुका नहीं है. उन्होंने कहा कि हालांकि कश्मीर की सीमा से घुसपैठ नियंत्रण में है लेकिन बांग्लादेश और नेपाल की सीमा से घुसपैठ में बढ़ोत्तरी हुई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार रक्षामंत्री ने कहा, "भारत के साथ दोस्ती पर राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का बयान भर काफ़ी नहीं है. उन्हें सीमापार से आतंकवादियों को रोकने के लिए कड़े क़दम उठाने होंगे." उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध को कायम रखना चाहता है और उम्मीद करता है कि पाकिस्तान की ओर से भी ऐसा ही व्यवहार होगा. उन्होंने चीन के साथ भी संबंधों में सुधार का ज़िक्र किया. | इससे जुड़ी ख़बरें 'आतंकवाद के लिए धर्म ज़िम्मेदार नहीं'25 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस आतंकवाद के मुक़ाबले के लिए सहमति15 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस राजस्थान में घुसपैठ की कोशिश नाकाम24 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ पर चिंता16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा पर आठ चरमपंथी मारे गए30 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'घुसपैठ के मामले में कोई दया नहीं'01 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़28 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||