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ममता की स्थिति से डॉक्टर चिंतित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के अनुरोध पर तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बैनर्जी ने 25 दिनों से जारी भूख हड़ताल तो ख़त्म कर दी है लेकिन उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है. उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उनकी स्थिति पर चिंता जताई है. डॉक्टर निर्मल माँझी ने बताया कि ममता बनर्जी का रक्तचाप कम है, पल्स रेट भी कम है और हृदय गति भी अनियमित है. राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अनुरोध के बाद गुरुवार रात को ममता बनर्जी ने अपनी भूख हड़ताल ख़त्म की थी. सिंगुर में टाटा संयंत्र के लिए ज़मीन के अधिग्रहण को लेकर उन्होंने आंदोलन छेड़ रखा है. गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने भी बातचीत के लिए प्रस्ताव रखा था. बयान ममता बैनर्जी ने सरकारी डॉक्टरों से अपना इलाज कराने से मना कर दिया था. इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने रतन टाटा को उनके बयान के लिए अदालत में खींचने की धमकी दी है. पिछले दिनों रतन टाटा ने कहा था कि टाटा के प्रतिद्वंद्वी सिंगुर में आंदोलन को हवा दे रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस नेता सौगत राय ने कहा कि रतन टाटा को अपने आरोपों के लिए सबूत देने चाहिए या फिर माफ़ी मांगनी चाहिए. लेकिन रतन टाटा का कहना है कि वे अपने बयान पर क़ायम हैं. तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि टाटा के संयंत्र के लिए सरकार ने जो ज़मीन उपलब्ध कराई है, उसमें से 40 प्रतिशत हिस्सा उन किसानों का है, जो अपनी ज़मीन नहीं देना चाहते थे. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रधानमंत्री के अनुरोध पर ममता मानीं28 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'भारत का अधिकारी तंत्र भी बदल रहा है'30 जुलाई, 2004 | कारोबार अर्थव्यवस्था में जान फूँकेंगेः मनमोहन24 अगस्त, 2004 | कारोबार अंतिम व्यक्ति को प्राथमिकता देनी होगी - ज्याँ द्रेज़06 जुलाई, 2004 | कारोबार विदेश नीति में आर्थिक विकास की भूमिका24 अप्रैल, 2006 | कारोबार नौ फ़ीसदी विकास दर का लक्ष्य09 दिसंबर, 2006 | कारोबार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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