|
नेपाल में डॉक्टरों की देशव्यापी हड़ताल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले कुछ दिनों से अपने ऊपर हो रहे हमलों के विरोध में नेपाल के चिकित्सकों ने तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. इस देशव्यापी हड़ताल के चलते नेपाल में स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हुई हैं. हालांकि हड़ताल के दौरान भी मरीजों को अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं. डॉक्टरों की यह हड़ताल पिछले दिनों उनके ऊपर आम लोगों की ओर से किए गए हमले के विरोध में है. कुछ उग्र लोगों ने सोमवार को डॉक्टरों की इसलिए पिटाई कर दी थी क्योंकि अस्पताल में एक बच्चे की मौत हो गई थी. लोग बच्चे की मौत के लिए डॉक्टरों की लापरवाही को ज़िम्मेदार ठहरा रहे थे. हालांकि डॉक्टर इस आरोप को बेबुनियाद बताते हैं. अपने ऊपर हुए इस हमले के विरोध में नेपाल मेडिकल एसोसिएशन की ओर से देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है. एसोसिएशन की ओर से माँग की गई है कि दोषी लोगों को सज़ा दी जाए और डॉक्टरों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए. उधर देश के स्वास्थ्य मंत्री अमिक शेरचन ने डॉक्टरों से हड़ताल वापस ले लेने की अपील की है. ग़ौरतलब है कि हाल के कुछ महीनों में डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं और उनपर हमले भी होते रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपालगंज में कर्फ़्यू लगाया गया26 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पूर्व गोरखा सैनिक संभालेंगे ज़िम्मेदारी22 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'समलैंगिक हो रहे हैं माओवादी'21 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सरकारी नियुक्तियों के विरोध में 'नेपाल बंद'19 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में हज़ारों माओवादी बीमार हुए12 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||