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दस 'पाकिस्तानी' गिरफ़्तार किए गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार कर अफ़ग़ानिस्तान में घुस गए दस पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अलाव जलाने के लिए लकड़ी इकठ्ठा करने की कोशिश में पाँच पाकिस्तानी सैनिकों समेत दस नागरिक अफ़ग़ानिस्तानी सीमा में घुस गए. दूसरी ओर अफ़ग़ान न्यूज एजेंसी का कहना है कि इन लोगों को छोड़ दिया गया है. पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के रिश्ते ख़राब हुए हैं. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने पिछले दिनों पाकिस्तान की सरकार पर तालेबान का समर्थन करने का आरोप लगाया था. मंगलवार को अफ़ग़ानिस्तानी पुलिस ने एक अन्य पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ़्तार कर लिया. इस पर पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया है. अभियान दूसरी ओर अफ़ग़ानिस्तान में तैनात उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन यानी नैटो सैनिकों ने कहा है कि उसने अफ़गान सेना की मदद से तीन गाँवों में घुसे तालेबान लड़ाकों को खदेड़ दिया है. नैटो का कहना है कि पंजवई और ज़ारी में चलाए जा रहे इस अभियान में लगभग 50 तालेबना लड़ाके मारे गए हैं. कंधार से तालेबान का अस्तित्व ख़त्म करने के लिए सितंबर में 'मेदुसा' अभियान चलाया गया था. ताज़े अभियान का नाम 'फाल्कन्स सम्मिट' रखा गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पाकिस्तान ने 500 तालेबान को पकड़ा'15 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस आत्मघाती हमले में छह लोगों की मौत12 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस लोगों का धैर्य ख़त्म हो रहा है: करज़ई08 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान के लोगों में भरोसे की कमी07 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'आत्मघाती हमले' में छह मारे गए06 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान पुलिस की क्षमता पर उठे सवाल05 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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