|
मित्तल ख़रीद रहे हैं मैक्सिको की कंपनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल मेक्सिको की स्टील कंपनी सिकार्त्सा को 1.4 अरब डॉलर में ख़रीदेगी. आर्सेलर मित्तल का कहना है कि सिकार्त्सा की मातृ संस्था विलासेरो के साथ उसकी संयुक्त उद्यम शुरू करने की भी योजना है. इस उद्यम के तहत दक्षिण अमरीका में उत्पादों का वितरण किया जाना है. यह ख़बरें तब आईं हैं जब मित्तल ने रूसी कंपनी एममके को ख़रीदने के लिए बोली लगाई है. सिकार्त्सा की वार्षिक उत्पादन क्षमता ढाई मिलयन टन से ज़्यादा है और ये कंपनी मेक्सिको और टेक्सास में कारोबार करती है. वर्ष 2004 में इसका कुल राजस्व 95 करोड़ चालीस लाख डॉलर था. आर्सेलर मित्तल के मुख्य वित्त अधिकारी आदित्य मित्तल ने कहा, "आगामी दस सालों तक मेक्सिको के बाज़ार की छह प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ने की संभावना है इसलिए उस देश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का यह सबसे उपयुक्त समय है". रूसी कंपनी पर नज़र मित्तल स्टील ने पिछले जून में आर्सेलर को ख़रीदा था जिसके बाद इस कंपनी का नाम आर्सेलर मित्तल कर दिया गया था. इसके अलावा ख़बरें हैं कि आर्सेलर मित्तल ने अपने रूसी कंपनी एमएमके में हिस्सेदारी के लिए बोली लगाई है. ख़बरों में कहा गया है कि यह हिस्सेदारी इतनी बड़ी होगी कि इससे आर्सेलर मित्तल एमएमके पर नियंत्रण की स्थिति में आ जाएगी. रूस के व्यावसायिक दैनिक वेदोमोस्ती के मुताबिक मित्तल ने यह गुप्त प्रस्ताव एमएमके के मुख्य हिस्सेदार विक्टर राशनिकोव को पिछले महीने दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें मित्तल की नज़र रूसी कंपनी पर20 दिसंबर, 2006 | कारोबार मित्तल अभी भी सबसे अमीर एशियाई10 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना मित्तल के स्वागत में पढ़े गए क़सीदे07 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस लक्ष्मी मित्तल धनवानों की सूची में शीर्ष पर03 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||