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'हत्या' के मामले ने लिया सियासी रंग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिम बंगाल में एक महिला की मौत ने राजनीतिक रूप ले लिया है, पुलिस उसे आत्महत्या मान रही है जबकि स्थानीय लोग और विपक्षी पार्टियों का कहना है कि यह 'सामूहिक बलात्कार और हत्या का मामला' है. यह घटना सिंगुर में उसी स्थान पर हुई है जहाँ टाटा मोटर्स सस्ती कारें बनाने के लिए औद्योगिक इकाई लगाने जा रही है. स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने महिला के साथ कृकृत्य करके उसकी हत्या कर दी वे लोग टाटा संयंत्र की स्थापना के समर्थक थे. सिंगुर में टाटा की औद्योगिक इकाई की स्थापना के लिए ज़मीन के अधिग्रहण को लेकर भारी विवाद चल रहा है और विपक्षी तृणमूल काँग्रेस की नेता ममता बनर्जी टाटा की योजना के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल भी कर चुकी हैं. पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि लोगों को विस्थापन के बदले में अच्छा-ख़ासा मुआवज़ा दिया गया है और इस औद्योगिक इकाई के लगने से रोज़गार के अवसर पैदा होंगे. मगर दूसरी सिंगुर के निवासियों और विपक्षी पार्टियों का कहना है कि यह खेतिहर ज़मीन है और किसानों को उनके घर के उजाड़ने की नीति अनुचित है. तृणमूल काँग्रेस ने राज्य सरकार के एक हज़ार एकड़ ज़मीन के अधिग्रहण के फ़ैसले के ख़िलाफ़ इस सप्ताह भी गुरूवार से दो दिन के हड़ताल की घोषणा की है. जाँच राज्य पुलिस इस घटना को सामूहिक बलात्कार नहीं मान रही है, पुलिस का कहना है कि इस बात की संभावना भी हो सकती है कि "क्रुद्ध स्थानीय लोग एक आत्महत्या के मामले को ग़लत तरीक़े से पेश करके सरकार को परेशानी में डालना चाहते हैं." पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने फ़िलहाल सिर्फ़ इतना ही कहा है कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है इसलिए अभी कुछ कहना ठीक नहीं होगा, लेकिन उन्होंने कहा कि सरकार तृणमूल काँग्रेस की हड़ताल का विरोध ज़रूर करेगी क्योंकि वह जनहित के ख़िलाफ़ है. पश्चिम बंगाल सरकार पहले ही कह चुकी है कि उसने ज़मीन के अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया है और अब टाटा मोटर्स वहाँ औद्योगिक इकाई लगाने का काम शुरू कर सकती है. टाटा मोटर्स ने घोषणा की है कि वह इस संयंत्र में आम जनता के लिए सस्ती कारें बनाएगी जिनकी क़ीमत एक लाख रूपए से कम होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें संदिग्ध माओवादियों का शोरूम पर हमला 04 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस टाटा को ज़मीन देने पर प्रदर्शन जारी03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस तृणमूल के बंद से जनजीवन अस्त व्यस्त09 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल में कार कारखाने का विरोध26 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल में बंद का आंशिक असर03 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस तृणमूल की बंगाल हड़ताल अवैध30 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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