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शनिवार, 02 दिसंबर, 2006 को 10:03 GMT तक के समाचार
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'विशेषाधिकार क़ानून में सुधार करेंगे'
मनमोहन सिंह
दो संगठनों ने विरोध जताने के लिए हड़ताल का आहवान किया है
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मणिपुर यात्रा के दौरान शनिवार को आश्वासन दिया हैं कि सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून में सुधार किए जाएंगे.

प्रधानमंत्री शनिवार को पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की यात्रा पर गए हैं जहाँ कांगला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही.

उन्होंने बताया कि सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून में सुधार की दिशा में एक समिति का गठन किया गया था जिसने अपना काम पूरा कर लिया है.

प्रधानमंत्री ने कहा, "हम इस क़ानून के कुछ मौजूदा प्रावधानों में सुधार कर सकते हैं या फिर कुछ नई बातें भी जोड़ी जा सकती हैं ताकि यह क़ानून और मानवीय रूप ले सके. साथ ही मानवाधिकारों और नागरिक अधिकारों के साथ इसका बेहतर तालमेल स्थापित हो सके."

हालांकि प्रधानमंत्री ने इस बात का ज़िक्र नहीं किया कि ये सुधार क्या होंगे और इन्हें कबतक लागू कर दिया जाएगा.

 हम इस क़ानून के कुछ मौजूदा प्रावधानों में सुधार कर सकते हैं या फिर कुछ नई बातें भी जोड़ी जा सकती हैं ताकि यह क़ानून और मानवीय रूप ले सके. साथ ही मानवाधिकारों और नागरिक अधिकारों के साथ इसका बेहतर तालमेल स्थापित हो सके
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

ग़ौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय की ओर से इस क़ानून में किसी भी तरह का बदलाव न करने का सुझाव दिया जाता रहा है क्योंकि इन मंत्रालयों का कहना है कि इस क़ानून में संशोधन करने पर पूर्वोत्तर राज्यों और भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में कुछ नुकसान उठाने पड़ सकते हैं.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओँ की समस्याओँ पर विशेष ध्यान देने की आवश्य़कता है. साथ ही उन्होंने ऐसी विकासपरक योजनाओं को लागू करने का भी आश्वासन दिया जिससे बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें.

यात्रा का विरोध

ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य के दो संगठनों ने हड़ताल का आहवान किया है.

प्रदर्शनकारी
सशस्त्र बल विशेषाधिकार का लंबे समय से विरोध होता रहा है

अलगाववादी संगठन रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ़्रंट (आरपीएफ़) प्रधानमंत्री की यात्रा के विरुद्ध 12 घंटे की हड़ताल का आहवान किया है.

इस हड़ताल का कारण है विवादास्पद सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून जिसके ख़िलाफ़ पूरे राज्य में पहले भी प्रदर्शन होते रहे हैं.

आरपीएफ़ का आरोप है कि मणिपुर में मानवाधिकारों का उल्लंघन और मुठभेड़ों में आम लोगों का मारा जाना यहाँ सामान्य बात हो गई है.

उधर एक और संगठन एक्शन कमेटी अगेंस्ट तिपाइमुख प्रॉजेक्ट ने भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मणिपुर यात्रा के ख़िलाफ़ 24 घंटे की हड़ताल की घोषणा की है.

ये संगठन चूड़चाँदपुर ज़िले में तिपाइमुख में एक बाँध बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यात्रा के दौरान कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.

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