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सिखों को चाहिए सेंसर बोर्ड में जगह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने माँग की है सिखों को सेंसर बोर्ड और उन संस्थाओं में जगह मिलनी चाहिए जो स्कूलों के लिए किताबें तय करती हैं. एसजीपीसी के नए चुनावों के बाद इस माँग को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया है. इसमें कहा गया है कि सिखों के लिए अपमानजनक होने के बावजूद कई स्कूली किताबों को स्वीकृति दे दी गई और इसी तरह कई फ़िल्मों को सर्टिफ़िकेट दे दिया गया. एसजीपीसी की आमसभा ने जो प्रस्ताव पारित किया गया है उसमें कहा गया है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मंज़ूरी देने वाली संस्थाओं में सिखों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है. सिखों ने सेंसर बोर्ड के अलावा नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) में प्रतिनिधित्व की माँग की है. इसके अलावा एसजीपीसी ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि अमृतसर के राजा साँसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर किसी सिख गुरु के नाम पर रखा जाना चाहिए. मक्कड़ फिर अध्यक्ष इससे पहले अवतार सिंह मक्कड़ को लगातार दूसरी बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का अध्यक्ष चुन लिया गया. अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में एसजीपीसी की आमसभा में हुए इस चुनाव में मक्कड़ बहुमत से जीते. अवतार सिंह मक्कड़ पंजाब की प्रमुख सिख पार्टी शिरोमणि अकाली दल से हैं. उनका मुक़ाबला शिरोमणि अकाली दल के बाग़ी उम्मीदवार गुरुविंदर सिंह शम्पूरा से था. जिन्हें बाद में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. आशंका जताई गई थी कि एसजीपीसी के चुनाव में हिंसा हो सकती है लेकिन चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गए. | इससे जुड़ी ख़बरें कोहिनूर हीरे को भारत लाने की मांग09 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नया इतिहास सिखाएँगी किताबें17 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस पगड़ी न पहनने देने पर नाराज़गी18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस फ्रांस में पगड़ी पर फिर बहस छिड़ी06 मार्च, 2006 | पहला पन्ना सिखों के कृपाण पहनने के पक्ष में फ़ैसला04 मार्च, 2006 | पहला पन्ना न्यूयॉर्क में सिखों के साथ दुर्व्यवहार27 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना हरियाणा में स्कूली पुस्तक पर पाबंदी15 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस न्यूयॉर्क पुलिस में सिख कर सकेंगे नौकरी30 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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