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हरियाणा में स्कूली पुस्तक पर पाबंदी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा की सरकार ने सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह पर अपमानजनक टिप्पणियों के आरोप में एक स्कूली पुस्तक पर पाबंदी लगा दी है. राज्य के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुडा ने बीबीसी को बताया कि इस पुस्तक की सभी प्रतियाँ ज़ब्त कर ली गई हैं. यह पुस्तक हिसार के दिल्ली पब्लिक स्कूल की छठी क्लास में पढ़ाई जा रही थी. मुख्यमंत्री हुडा ने बताया कि हिसार के उपायुक्त को निर्देश दिया गया है कि वे इस मामले की जाँच करें. पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल की शिकायत के बाद इस पुस्तक पर पाबंदी लगाई गई है. प्रकाश सिंह बादल ने बताया कि इस पुस्तक के एक अध्याय में गुरु गोविंद सिंह के ख़िलाफ़ अपमानजनक और गढ़ी हुई बातें लिखी गई हैं. उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में कहा गया है कि गुरु गोविंद सिंह ने एक पठान व्यापारी की हत्या की थी जिसने उन्हें घोड़ा बेचा था. प्रकाश सिंह बादल के मुताबिक़ इस पुस्तक में एक जगह गुरु गोविंद सिंह को अपने 'पापों' का प्रायश्चित कर रहे एक बूढ़े व्यक्ति की तरह दर्शाया गया है. बादल ने मांग की कि इस मामले में ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्होंने इस पुस्तक को आपत्तिजनक बताया और कहा कि इसे धार्मिक भावनाएँ भड़क सकती हैं. |
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