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शुक्रवार, 25 जून, 2004 को 08:11 GMT तक के समाचार
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किताब को लेकर राजघराने में विवाद

राजमाता गायत्री देवी
राजमाता गायत्री देवी की आत्मकथा ने भी इससे पहले काफ़ी धूम मचाई थी
जयपुर के पूर्व राजघराने की राजमाता गायत्री देवी के जीवन पर आधारित एक पुस्तक को लेकर राजपरिवार में भारी विवाद उठ खड़ा हुआ है.

गायत्री देवी की तलाक़शुदा पुत्रवधू प्रियनंदना ने किताब, 'राजमाता गायत्री देवीः एंड्योरिंग ग्रेस' के कुछ अंशों पर आपत्ति की है और क़ानूनी कार्रवाई का नोटिस दिया है.

शाही शानो-शौक़त और राजसी वैभव के कारण सुर्खियों में रहे जयपुर के राजघराने की राजमाता के बारे में लेखिका धर्मेंद्र कंवर की ये पुस्तक बाज़ार में आई ही थी कि इसके कुछ अंशों पर बावेला खड़ा हो गया.

पुस्तक में राजमाता के बेटे राजकुमार जगत सिंह के थाईलैंड की राजकुमारी प्रियनंदना के साथ विवाह और फिर तलाक़ का ज़िक्र है.

साथ ही, जगतसिंह के असामयिक निधन पर एक माँ के रूप में गायत्री देवी के दुःख का बयान है.

अपने दो बच्चों देवराज और ललिता के साथ थाईलैंड में रह रहीं प्रियनंदना ने पुस्तक के इन्हीं अंशों पर आपत्ति व्यक्त की है और पुस्तक की लेखिका और प्रकाशक को क़ानूनी नोटिस भेजा है.

दावे और इनकार

प्रियनंदना के वकील एसके शर्मा ने कहा,"पुस्तक में प्रियनंदना को ग़लत ढंग से चित्रित किया गया है कि जुगत सिंह को शराब की लत लगवाने के लिए वे ज़िम्मेदार हैं".

 पुस्तक में प्रियनंदना को ग़लत ढंग से चित्रित किया गया है कि जुगत सिंह को शराब की लत लगवाने के लिए वे ज़िम्मेदार हैं
एसके शर्मा, वकील

उन्होंने दावा किया कि जुगत सिंह पहले से ही शराब पीते रहे थे.

लेखिका धर्मेंद्र कंवर आरोपों से इनकार करते हुए कहती हैं कि पुस्तक में प्रियनंदना के संबंध में कुछ भी ग़लत नहीं कहा गया.

उन्होंने कहा,"लगता है कुछ वाक्यों को संदर्भ से परे रखकर पढ़ा जा रहा है".

सफ़ाई

कंवर के मुताबिक़ राजमाता ने अपने प्रिय बेटे की मौत के लिए सारी ज़िम्मेदारी अपने ऊपर ली है और किसी अन्य को दोष नहीं दिया है.

 लगता है कुछ वाक्यों को संदर्भ से परे रखकर पढ़ा जा सकता है
धर्मेंद्र कंवर, लेखिका

उन्होंने पुस्तक के उन अंशों का हवाला दिया जिसमें राजमाता ने जगत सिंह के तलाक़ और पिता राजा मानसिंह की मौत से उपजे दुःख का वर्णन किया है.

बकौल धर्मेंद्र कंवर राजमाता ने साफ़ कहा है कि अगर वे अपने पुत्र को अधिक समय दे पातीं तो जगत सिंह दुनिया से असमय ही नहीं चले जाते.

पुस्तक के उन अंशों में राजमाता के हवाले से कहा गया है कि जगत तलाक़ की वजह से टूट गए थे क्योंकि बच्चे जिन्हें वे बहुत प्यार करते थे दूर चले गए और जगत को अपने बच्चों से संवाद की अनुमति नहीं दी गई.

आत्मकथा

इससे पहले भी राजमाता की आत्मकथा, 'ए प्रिंसेज़ रिमेंबर्स', ने काफ़ी धूम मचाई थी.

राजमाता इन दिनों अभी विदेश यात्रा पर हैं.

राजपरिवारों में विवादों का महलों से बाहर निकलना कोई नई बात नहीं है.

लेकिन बहुत दूर थाईलैंड और जयपुर के शाही परिवारों में छिड़ा विवाद क्या मोड़ लेगा अभी ये कोई नहीं जानता.

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