|
राजा की 'ज़्यादतियों' की जाँच पूरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में एक उच्च स्तरीय जाँच पैनल ने इस मामले की जाँच कर ली है कि क्या इस साल यानी 2006 के आरंभ में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों को दबाने के लिए राजा समर्थक सरकार ने कथित रूप से ज़्यादतियों का सहारा लिया. पैनल ने अपनी जाँच के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की और अप्रैल में हुए उन प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों के निर्दयतापूर्ण बर्ताव की ख़बरों की भी जाँच-पड़ताल की. लेकिन इस पैनल की जाँच रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. लेकिन ऐसी ख़बरें हैं कि पैनल के पाँच में से दो सदस्यों ने रिपोर्ट पर दस्तख़त करने से इनकार कर दिया इससे नज़र आता है कि रिपोर्ट के परिणामों पर पैनल के सदस्य ही एकमत नहीं हैं. नेपाल सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज कृष्ण जंग रायमझी इस पैनल की अध्यक्षता कर रहे हैं. पैनल के प्रवक्ता दिल्ली रामन आचार्य ने बीबीसी को बताया कि सदस्यों में आपसी मतभेद के बावजूद इसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला को सौंपने की योजना है. हालाँकि यह रिपोर्ट सरकार को सौंपने की तिथि की अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है. पैनल के एक सदस्य ने बीबीसी से कहा कि अप्रैल 2006 में हुए प्रदर्शनों पर हुई ज़्यादतियों के लिए राजा ज्ञानेंद्र को ज़िम्मेदार ठहराया गया है. लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिपोर्ट में क्या राजा के ख़िलाफ़ किसी तरह की कार्रवाई की सिफ़ारिश की गई है या नहीं. कई सप्ताह तक जारी रहे उन प्रदर्शनों के दौरान 21 लोगों की मौत हुई थी और हज़ारों अन्य घायल हुए थे. उन प्रदर्शनों के दौरान लोगों ने कर्फ़्यू तोड़ा था और उस दौरान जारी हुए - देखते ही गोली मारने के आदेशों का भी उल्लंघन किया था. पैनल ने उन आरोपों की भी जाँच की कि राजा नें लोकतांत्रिक समर्थक प्रदर्शनों पर बल प्रयोग करने के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग भी किया. उन प्रदर्शनों की वजह से ही राजा को अपना सीधा शासन समाप्त करके संसद को बहाल करना पड़ा था और सत्ता लोकतांत्रिक सरकार को सौंपनी पड़ी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें शांति वार्ता के लिए तैयार हैं माओवादी18 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'माओवादी लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं'26 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों के साथ वार्ता स्थगित15 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस शांति वार्ता से ठोस समझौते की उम्मीद06 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'माओवादियों से हाथ मिलाना एक जुआ'09 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||