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माओवादियों के साथ वार्ता स्थगित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में गठबंधन सरकार और माओवादियों के बीच बातचीत अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है. बातचीत में माओवादी विद्रोहियों के निरस्त्रीकरण और भविष्य में राजा की भूमिका के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई. वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला और माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रचंड उपस्थित थे. दोनों पक्षों के बीच चार दौर की वार्ता हो चुकी है. पिछले हफ़्ते संविधान सभा के चुनाव कराने पर सहमति कायम होने के बाद अन्य मसलों का हल निकलने की भी उम्मीद बढ़ गई थी. मतभेद प्रधानमंत्री कोईराला इस बात पर जोर देते रहे हैं कि माओवादियों को अंतरिम सरकार में शामिल होने से पहले हथियार छोड़ देना चाहिए. दूसरी ओर माओवादियों का कहना है कि राजनीतिक मसलों का समाधान निकलने के बाद ही निरस्त्रीकरण पर बात होनी चाहिए. साथ ही वे शासकीय प्रणाली में राजशाही की किसी भी भूमिका को तुरंत ख़त्म करना चाहते हैं. हालांकि कोईराला संविधान सभा के चुनाव से पहले ऐसा करने से इनकार कर चुके हैं. माओवादियों के एक वार्ताकार देव गुरूंग ने पत्रकारों से कहा कि अगले दौर की बातचीत शुरू करने से पहले दोनों पक्षों को काफ़ी तैयारी करने की ज़रूरत है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल नरेश से सफ़ाई माँगी गई12 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस मंगलवार को जारी रहेगी शांतिवार्ता08 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में अहम शांति वार्ता रविवार से07 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'माओवादी लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं'26 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'हथियारों की निगरानी को लेकर अस्पष्टता'27 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस राजशाही पर जनमत संग्रह का प्रस्ताव26 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में माओवादी और हिंदूवादी भिड़े21 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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