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परमाणु संधि पर ईरान को आपत्ति नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के दौरे पर आए ईरान के विदेशमंत्री मनुचेहर मुत्तकी ने कहा है कि भारत और अमरीका के बीच परमाणु संधि का भारत और ईरान के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उनका कहना था कि भारत और ईरान के आपसी संबंध को दुनिया की कोई तीसरी ताक़त प्रभावित नहीं कर सकती. ईरान के विदेश मंत्री का बयान अमरीकी सीनेट में भारत-अमरीका परमाणु समझौते को मंज़ूरी मिल जाने के बाद आया है. उल्लेखनीय है कि अमरीका और ईरान के रिश्ते बेहद कड़वे हैं और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध करते हुए अमरीका ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का पक्षधर है. जबकि भारत और ईरान के कूटनयिक रिश्ते अच्छे हैं और इस समय भारत और ईरान गैस पाइप लाइन पर चर्चा कर रहे हैं. ईरानी विदेशमंत्री मनुचेहर मुत्तकी ने आशा व्यक्त की है कि भारत, ईरान और पाकिस्तान के बीच गैस पाइप लाइन परियोजना के समझौते का ढांचा साल के अंत तक तैयार हो जाएगा. यह पूछे जाने पर की अमरीका और भारत के बीच परमाणु समझौते के अमरीकी सेनेट में पारित होने के बाद क्या भारत की ईरान नीति अमरीकी दबाव में नहीं होगा, उनका कहना था कि दुनिया की कोई तीसरी ताक़त भारत और ईरान के संबंधों को प्रभावित नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि न ही ईरान भारत के साथ ऐसे संबंध चाहेगा जिससे ईरान के किसी अन्य देश के साथ संबंध पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े. पत्रकारों से बातचीत करते हुए ईरान के विदेश मंत्री ने कहा भारत जो भी कर रहा है अपने हितों को ध्यान में रख कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरानी परमाणु कार्यक्रम को सशर्त समर्थन17 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सीनेट में परमाणु समझौता बहुमत से पास17 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस समझौता और बुश प्रशासन का अंतर्द्वंद्व 17 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना गैस क़ीमत तय करने के लिए सलाहकार04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'गैस पाइपलाइन पर तीनों देश सहमत'22 मई, 2006 | भारत और पड़ोस ईरान से गैस पाइपलाइन को हरी झंडी04 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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