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'साल में सौ सैनिक कर रहे हैं आत्महत्या' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय सेना प्रमुख जेजे सिंह ने कहा है कि हर साल औसतन 100 भारतीय सैनिक आत्महत्या कर रहे हैं. सेना प्रमुख ने श्रीनगर में एक समारोह में बोलते हुए यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आत्महत्या के ऐसे मामले चरमपंथियों से प्रभावित क्षेत्रों में देखने को मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस दिशा में सेना की ओर से तेज़ी से क़दम उठाए जाएँगे ताकि इस समस्या की वजहों की पड़ताल की जा सके और इसका विश्लेषण करते हुए आवश्यक क़दम उठाए जा सकें. उन्होंने कहा कि ज़रूरतमंद सैनिक को परामर्श दी जाएगी ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. उन्होंने सेना में नेतृत्व सुधार पर भी बल देने की बात कही. सेना प्रमुख ने कहा कि सेना में नेतृत्व की गुणवत्ता को सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि सेना के अधिकारियों का उनकी यूनिट के सदस्यों के साथ संबंध और सुधरे. ग़ौरतलब है कि सेना में कई ऐसे मामले सामने आते रहे हैं जिसमें सैनिकों ने या तो आत्महत्याएँ की हैं और या फिर अपने साथियों की हत्या के बाद ख़ुद को भी मार दिया है. पिछले कुछ वर्षों से भारतीय सेना को जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में चरमपंथियों से संघर्ष करना पड़ रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें सैनिक ने साथियों को मारकर ख़ुदकुशी की23 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस सैनिक ने तीन साथियों की हत्या की21 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस रुक नहीं रहीं किसानों की आत्महत्याएँ21 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस एड्स पीड़ित माँ-बाप के कारण आत्महत्या03 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'फ़ना' के विरोध में फ़ना हुआ युवक20 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'बस अब घर वापस आ जाओ'10 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस कश्मीर में आत्महत्या में बढ़ोतरी17 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस 'साथ जी नहीं सकते, मर तो सकते हैं'15 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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