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सैनिक ने साथियों को मारकर ख़ुदकुशी की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर के रजौरी ज़िले में एक सैनिक ने अपने दो साथियों की गोली मार कर हत्या कर दी है. इसके बाद उसने ख़ुद को भी गोली मार ली. यह जानकारी राज्य पुलिस के अधिकारियों के हवाले से दी गई है. ज़िले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फ़ारूक ख़ान ने बताया कि केवल क्षेत्र में हुई इस घटना में दोहपर बाद एक सैनिक ने अपने दो साथियों की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में ख़ुद को भी गोली मार ली. इस हादसे के पीछे के कारणों के बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका है. इस हादसे के पीछे की वजहों को जानने के लिए इस घटना की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं. ग़ौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को इसी ज़िले में एक सैनिक ने अपने तीन साथियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. माना जाता है कि ऐसी घटनाओं के पीछे सैनिकों की मानसिक स्थिति मुख्य वजह होती है. कई बार सैनिक लंबे समय तक अपने घर नहीं जा पाते और उन्हें ख़तरनाक स्थितियों में काम भी करना पड़ता है. अन्य घटनाएँ वहीं एक अन्य घटना में संदिग्ध चरमपंथियों ने सोपोर इलाके के एक केबिल टीवी ऑपरेटर के कार्यालय पर बम से हमला किया है जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है. हालांकि विस्फोट करने से पहले हमलावरों ने लोगों को कार्यालय से बाहर चले जाने के लिए कहा था. धमाके के बाद इमारत में आग लग गई और एक दीवार ढह गई जिसमें दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई. इस हमले की अभी तक किसी चरमपंथी संगठन ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है. ग़ौरतलब है कि राज्य में इससे पहले भी केबिल ऑपरेटरों पर हमले किए जाते रहे हैं और कुछ केबिल ऑपरेटर मारे भी जा चुके हैं. इस्लामिक चरमपंथी संगठनों की ओर से कई बार केबिल टीवी के प्रसारण को रोकने की चेतावनी दी जाती रही है क्योंकि उन्हें कुछ टीवी चैनलों से आपत्ति रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें सैनिक ने तीन साथियों की हत्या की21 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर में महिलाओं पर चौतरफ़ा दबाव18 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस चरमपंथी हमले में सुरक्षाकर्मी की मौत15 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस वादी की फ़िज़ाओं में ये कैसा बदलाव15 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस जम्मू में चार सैनिक मारे गए10 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस सेक्स स्कैंडल अभियुक्तों को ज़मानत नहीं09 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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