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बर्बाद मदरसे के पुनर्निमाण का ऐलान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में कट्टरपंथी धार्मिक संगठन जमाते इस्लामी के नेता ने सेना के हमले में बर्बाद हुए मदरसे को दोबारा बनाने का ऐलान किया है. अफ़ग़ानिस्तान से सटे सूबा सरहद में स्थित मदरसे पर सेना के हमले में लगभग 80 लोग मारे गए थे और इसको लेकर पाकिस्तान में सियासत तेज़ हो गई है. जहाँ राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना है कि मदरसे में चरमपंथियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था, वहीं कई धार्मिक संगठनों और हमले में बच निकले लोगों का कहना है कि मदरसे में कोई चरमपंथी नहीं था. पुनर्निमाण जमाते इस्लामी के नेता सिराज उल हक़ ने बक़ायदा प्रेस कॉंफ्रेंस बुला कर इस मदरसे को फिर से बनाने की घोषणा की. उन्होंने मारे गए लोगों के परिजनों की सहायता के लिए पाकिस्तानी करेंसी में 10 लाख रूपए का कोष बनाने की भी बात कही. सिराज उल हक़ ने कहा कि मदरसा जल्द ही बन कर तैयार हो जाएगा और इसके ठीक सामने एक मस्जिद बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस हमले के ख़िलाफ़ आंदोलन शुरू करेगी और यह तब तक जारी रहेगा जब तक कि सरकार इस्तीफ़ा नहीं दे देती. गुरुवार को जमाते इस्लामी के महासचिव सैयद मुनव्वर हसन ने इस बात का खंडन किया था कि उनकी पार्टी के मदरसे के साथ गहरे संबंध थे. | इससे जुड़ी ख़बरें मुशर्रफ़ का दावा: केवल चरमपंथी मारे गए01 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मदरसा आतंकवादी केंद्र नहीं था'01 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बंगाल के मदरसों से 'पाकिस्तान को सबक'28 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मिरान शाह के पास मदरसा गिराया गया15 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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