BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 28 अक्तूबर, 2006 को 04:08 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
निकाय चुनाव का पहला चरण संपन्न

सुरक्षाकर्मी
निकाय चुनावों के मद्देनज़र सुरक्षा के ख़ास इंतज़ाम किए गए हैं
उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनावों के पहले चरण का मतदान छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बीच संपन्न हो गया है. सरकार ने मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी.

राज्य निर्वाचन आयुक्त अपरिमिता प्रताप सिंह ने बताया कि लगभग 65 फ़ीसदी मतदान हुआ है. उन्होंने बताया कि छठ पर्व के कारण मतदान में महिलाओं की भागीदारी कम रही.

शनिवार को राज्य के 56 ज़िलों में नगर पालिका की 167 इकाइयों के लिए पहले चरण का मतदान हुआ. राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक़ जिन मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी, वहाँ दोबारा मतदान कराया जाएगा.

सहारनपुर, एटा, मुज़फ़्फ़रनगर, जालौन, गोंडा और रायबरेली से छिटपुट हिंसा और गड़बड़ी की ख़बरें आई हैं.

राजनीतिक दलों की ओर से इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र काफ़ी गंभीरता से लिया जा रहा है.

राज्य में अगले वर्ष की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव होने हैं और इसी वजह से राज्य के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए नगर निकाय चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गए हैं.

उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने इन चुनावों को तीन चरणों में संपन्न कराने का फ़ैसला लिया है.

दूसरे और तीसरे चरण के लिए 31 अक्टूबर और तीन नवंबर को मतदान होना है. 31 अक्टूबर को नगर निगम के चुनाव होने हैं और 3 नवंबर को नगर पंचायतों के लिए मतदान होगा.

सभी सीटों के लिए मतगणना का काम छह नवंबर से शुरू होगा.

हिस्सेदारी

सत्ताधारी समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस इन निकाय चुनावों को काफ़ी गंभीरता से देख रही हैं. बहुजन समाज पार्टी इन चुनावों में अपनी सीधी भूमिका नहीं निभा रही है.

राजनीतिक दलों के लिए ये चुनाव कितने महत्वपूर्ण हैं, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी चुनाव प्रचार के लिए शुक्रवार को लखनऊ जा पहुँचे थे जहाँ उन्होंने चुनावी जनसभा को संबोधित भी किया.

समाजवादी पार्टी की ओर से स्टार प्रचारक जयाप्रदा अपनी पार्टी के समर्थन में लोगों से वोट माँग रही हैं. इन चुनावों के मद्देनज़र सुरक्षा के ख़ासे मज़बूत इंतज़ाम किए गए हैं.

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए केंद्रीय बलों की 30 कंपनियाँ तैनात की गई हैं. इसके अलावा पीएसी की 100 कंपनियाँ और 85,000 होमगार्ड के सिपाही तैनात किए गए हैं.

इसके अलावा ज़िलों की अपनी पुलिस व्यवस्था को चुस्त और सक्रिय रहने के लिए कहा गया है.

राज्य निर्वाचन आयुक्त अपरमिता प्रताप सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के इन चुनावों के सक्रिय होने के मद्देनज़र आयोग की ओर से ख़ासी चौकसी बरती जा रही है.

राज्य निर्वाचन आयोग से प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि चुनाव प्रचार अभियानों के समाप्त होने के बाद किसी भी मंत्री, सांसद या विधायक को उसके निर्वाचन क्षेत्र में न रुकने दिया जाए.

इससे जुड़ी ख़बरें
तीसरे मोर्चे की संभावना तलाशती सपा
14 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस
अधिकारों की लड़ाई या राजनीति
19 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
चार विधायकों की सदस्यता ख़त्म
19 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस
सोनिया ने शुरु किया चुनावी अभियान
08 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस
राजा भैया एक बार फिर मंत्री बने
21 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>