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ब्लेयर से ज़िंदगी बचाने की गुहार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी जेल में बंद ब्रिटेन के नागरिक मिर्ज़ा ताहिर हुसैन ने अपनी ज़िंदगी बचाने के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से गुहार लगाई है. लीड्स के रहने वाले 36 वर्षीय ताहिर हुसैन को 1988 में एक टैक्सी ड्राइवर की हत्या के आरोप में फाँसी की सज़ा सुनाई गई है. टाइम्स समाचार पत्र में छपी चिट्ठी में ताहिर हुसैन ने टोनी ब्लेयर से अपील की है कि वे पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर उसे रिहा करने के लिए दबाव डालें. उसे पिछले सप्ताह ही फाँसी दी जानी थी लेकिन फ़िलहाल रमज़ान का महीना होने की वज़ह से इसे टाल दिया गया है. ताहिर हुसैन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री से अपील की है कि वह उसके मामले को पाकिस्तान के नेतृत्व के साथ प्रभावशाली तरीक़े से उठाएं और उसे रिहा कराने के लिए दबाव डालें. उन्होंने लिखा है, ‘‘मुझे आशा है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ कृपा दिखाते हुए मुझे रिहा कर देंगे.’’ ताहिर हुसैन पर आरोप है कि उन्होंने 18 साल पहले पाकिस्तानी शहर चकवाल में एक टैक्सी ड्राइवर की हत्या की थी. लेकिन उनका कहना है कि टैक्सी ड्राइवर ने बंदूक दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म करना चाहा और छीना-झपटी में गोली चल गई. वर्ष 1996 में लाहौर हाईकोर्ट ने ताहिर हुसैन को दोषमुक्त कर दिया था लेकिन सप्ताह भर बाद ही उन्हें इस्लामी क़ानून के तहत कुछ मामलों का दोषी पाया गया. बाद में संघीय शरीयत अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश को पलटते हुए ताहिर हुसैन को मौत की सज़ा सुना दी. इस साल जैसे-जैसे फाँसी दिए जाने का समय नजदीक आने लगा पाकिस्तानी राष्ट्रपति पर इस मामले दखल देने के लिए दबाव बढ़ने लगा है. वैसे इससे पहले मुशर्रफ़ तीन बार ताहिर हुसैन की मौत की सज़ा को टाल चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ज़ल के परिजनों की फ़रियाद05 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ज़ल को 20 अक्तूबर को फाँसी होगी26 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'नाकाम आत्मघाती हमलावर' को मृत्युदंड21 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पाकिस्तान में 'सुन्नी चरमपंथी' को फाँसी09 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस इराक़ में 13 लोगों को फाँसी दी गई09 मार्च, 2006 | पहला पन्ना जॉर्डन में नौ को मौत की सज़ा15 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना मौत की सज़ा में बढ़ोत्तरी दर्ज हुई05 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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