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पाकिस्तान में 'सुन्नी चरमपंथी' को फाँसी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में दस साल पहले एक शिया नेता की हत्या के मामले में दोषी पाए गए एक चरमपंथी हाफ़िज़ शफ़ीउर्रहमान को बुधवार को फाँसी दी गई है. पाकिस्तान के मुल्तान में जेल के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने हाफ़िज़ शफ़ीउर्रहमान की रहम की अर्ज़ी ख़ारिज कर दी थी जिसके बाद शफ़ीउर्रहमान को बुधवार, नौ अगस्त 2006 को फाँसी दे दी गई. हाफ़िज़ शफ़ीरउर्रहमान को मुल्तान में 1997 में एक शिया नेता एजाज़ शाह की हत्या के बाद गिरफ़्तार किया गया था. एजाज़ शाह तहरीके जाफ़री के मुल्तान अध्यक्ष थे. यह गुट मुल्तान में अल्पमत शिया मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करता है. हाफ़िज़ शफ़ीउर्रहमान को जज ने दोषी पाया था और अपील अदालत ने भी उनकी सज़ा बरक़रार रखी थी. मुल्तान जेल के उपाधीक्षक जाही मज़हर ने बताया कि रहमान ने राष्ट्रपति से रहम की अपील की थी जिसे नामंज़ूर कर दिया गया था. बुधवार को जब मुल्तान जेल में शफ़ीउर्रहमान को फाँसी दी गई तो उनके परिजनों ने "अल्लाहो अकबर" के नारे लगाए. शफ़ीउर्रहमान के भाई अतीक़ुर्रहमान ने पत्रकारों से कहा कि वे दुखी नहीं हैं, "मेरा भाई एक शहीद है." शफ़ीउर्रहमान प्रतिबंधित सुन्नी संगठन लश्करे झांगवी का सदस्य था. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि लश्करे झांगवी का संबंध अल क़ायदा से भी है और लश्करे झांगवी पर अनेक शिया मुसलमानों को मारने का आरोप है. पाकिस्तान की क़रीब 15 करोड़ आबादी में से लगभग 80 प्रतिशत आबादी सुन्नी मुसमलानों की है. हालाँकि ज़्यादातर शिया और सुन्नी एक दूसरे के साथ अमन-चैन से रहते हैं लेकिन दोनों समुदायों में कट्टरपंथी विचार रखने वाले लोग एक दूसरे के समुदायों को जब-तब निशाना भी बनाते हैं जिसके फलस्वरूप शिया और सुन्नियों में जातीय हिंसा होती है. | इससे जुड़ी ख़बरें अक्षरधाम हमले के तीन दोषियों को फाँसी01 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में चार को फाँसी29 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'क्लिंटन ने कहा था शरीफ़ को फाँसी नहीं'26 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में चार और लोगों को मृत्युदंड04 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में पाँच को मौत की सज़ा26 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस जनरल ज़ियाउल हक़ की मौत से पहले16 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस बलात्कार के मामले में मौत की सज़ा09 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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