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पाकिस्तान में पाँच को मौत की सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की हत्या की साज़िश रचने के आरोप में पाँच लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई है. पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल शौकत सुल्तान ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि इन पाँच लोगों में एक सैनिक भी है. अदालत ने इन पाँच लोगों को मुशर्रफ़ की हत्या करने की साज़िश में शामिल होने का दोषी पाया है. इन लोगों को 25 दिसंबर 2003 में परवेज़ मुशर्रफ़ के काफ़िले पर हुए एक हमले के बाद गिरफ़्तार किया गया था. इस महीने के आरंभ में भी एक सैनिक को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की हत्या की साज़िश में शामिल होने का दोषी क़रार दिए जाने के बाद फाँसी दी गई थी. हमला और सज़ा पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल शौकत सुल्तान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया,"पाँचों लोगों को 25 दिसंबर 2003 को राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश करने का दोषी पाया गया". 25 दिसंबर 2003 को दो आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोटकों से लदी गाड़ियों को राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के काफ़िले में ले जाकर राष्ट्रपति की लिमोज़िन कार से टकराने की कोशिश की. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ तो हमले में बच गए लेकिन हमले में 17 लोग मारे गए. इसके पहले 14 दिसंबर को भी परवेज़ मुशर्रफ़ पर हमला करने की कोशिश की गई थी, लेकिन तब इलेक्ट्रोनिक जैमरों के कारण एक रिमोट संचालित बम का सिग्नल जाम कर दिया गया. बम मुशर्रफ़ का काफ़िला गुज़रने के बाद फटा जिसे एक पुल को नुक़सान पहुँचा लेकिन किसी को नुक़सान नहीं हुआ. |
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