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रविवार, 01 अक्तूबर, 2006 को 16:39 GMT तक के समाचार
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'मुशर्रफ़ ने कुछ बातें ग़लत भी कही हैं'

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री सरताज अज़ीज़
सरताज मानते हैं कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने सारी बातें सही नहीं कही हैं
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री सरताज अज़ीज़ ने कहा है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने अपनी किताब में करगिल मसले पर सारी बातें सही ही नहीं कही हैं.

उन्होंने मुशर्रफ़ की इस बात को सिरे से नकार दिया कि करगिल में पाकिस्तानी फ़ौजों ने जो हासिल किया था उसे उस समय की सरकार ने गँवा दिया था.

वहीं पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त रह चुके सतीश चंद्रा ने कहा है कि हवाना में भारत ने पाकिस्तान के साथ आतंकवाद पर साझा तंत्र बनाने की घोषणा करके ग़लती की थी.

सरताज अज़ीज़ और सतीश चंद्रा बीबीसी हिंदी के साप्ताहिक कार्यक्रम आपकी बात, बीबीसी के साथ में श्रोताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे.

 हमारी समस्या तो तब हल होगी जब देश से फ़ौजी हुकूमत ख़त्म हो जाएगी और लोकतंत्र की बहाली होगी. उसी से पाकिस्तान दुनिया में बेहतर स्थिति हासिल कर सकेगा पर इसका मुशर्रफ़ साहब की किताब में ज़िक्र नहीं है
सरताज अज़ीज़, पूर्व विदेशमंत्री, पाकिस्तान

सरताज अज़ीज़ ने कहा कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति मुशर्रफ़ आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के ज़रिए दुनिया का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि आतंकवाद आज एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है पर पाकिस्तान की समस्याओं का समाधान इतने से ही नहीं होने वाला है.

उन्होंने कहा, "हमारी समस्या तो तब हल होगी जब देश से फ़ौजी हुकूमत ख़त्म हो जाएगी और लोकतंत्र की बहाली होगी. उसी से पाकिस्तान दुनिया में बेहतर स्थिति हासिल कर सकेगा पर इसका मुशर्रफ़ साहब की किताब में ज़िक्र नहीं है."

नीयत पर शक

जुलाई में मुंबई में हुए बम धमाकों पर शनिवार को आई रिपोर्ट की चर्चा करते हुए सतीश चंद्रा ने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास देखें तो सबूत देने के बाद भी उनकी ओर से कुछ नहीं किया गया है और मुंबई धमाकों के बारे में तो उन्होंने साक्ष्य देखे बिना ही कह दिया है कि लगाए गए आरोप ग़लत हैं.

 पाकिस्तान को इसका सबूत देना होगा कि वो वाकई आतंकवाद के ख़िलाफ़ कुछ करना चाहता है. अगर इस दिशा में पहल करनी है तो पाकिस्तान को दाऊद इब्राहिम, सलाउद्दीन और मसूद अज़हर जैसे लोगों को भारत को सौंप कर इस दिशा में ठोस क़दम उठाना चाहिए
सतीश चंद्रा, पूर्व भारतीय उच्चायुक्त

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान को इसका सबूत देना होगा कि वो वाकई आतंकवाद के ख़िलाफ़ कुछ करना चाहते हैं. अगर इस दिशा में पहल करनी है तो पाकिस्तान को दाऊद इब्राहिम, सलाउद्दीन और मसूद अज़हर जैसे लोगों को भारत को सौंप कर इस दिशा में ठोस क़दम उठाना चाहिए."

सतीश मुशर्रफ़ की किताब पर चुटकी लेने से भी नहीं चूके. उन्होंने कहा कि मुशर्रफ़ ने अपनी किताब में जो बातें कहीं हैं उनपर विश्वास नहीं किया जा सकता. उन्होंने अपनी किताब में जो बातें लिखी हैं उनमें से कुछ निहायत ग़लत हैं.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई केवल भारत में ही नहीं बल्कि अफ़ग़ानिस्तान में भी अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रही है.

इसके जवाब में सरताज अज़ीज़ ने कहा कि अगर आईएसआई दोषी है तो भारतीय एजेंसी रॉ पर भी आरोप लगाए जा सकते हैं. रॉ ने भी पाकिस्तान में कई वाकयों को अंजाम दिया है.

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