|
केरल में कोक-पेप्सी के ख़िलाफ़ हिंसा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केरल उच्च न्यायालय के कोक-पेप्सी पर लगी पाबंदी हटाने के फ़ैसले के बाद राज्य में इन कंपनियों के वितरण केंद्रों और गोदामों में तोड़फोड़ हुई है. महत्वपूर्ण है कि शुक्रवार को केरल उच्च न्यायायल ने केरल सरकार की कोक और पेप्सी के उत्पादन और बिक्री पर लगाई पाबंदी को हटाने का आदेश दिया था. केरल हाईकोर्ट ने इस प्रतिबंध को 'बेहद कठोर, मनमाना और अन्यायपूर्ण' बताते हुए रद्द कर दिया है. शोध संगठन 'सेंटर फॉर साइंस एंड एनवार्यन्मेंट' ने हाल में अपनी चेतावनी दोहराई थी कि शीतल पेयों में कीटनाशक और दूसरे रसायन काफ़ी ख़तरनाक मात्रा में मौजूद हैं. इसके बाद केरल ने कोक और पेप्सी की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था. युवाओं ने हमला बोला शनिवार को वाम दलों के युवा संगठनों ने केरल में कोक और पेप्सी के कुछ वितरण केंद्रों और गोदामों पर हमला बोला. कई जगहों पर बोतलों को तोड़ा गया और माली नुकसान पहुँचाया गया. कोड़्यीकोड और तिरुवनंतपुरम ज़िलों में कोक की संपत्ति को निशाना बनाया गया. प्रसासन के अनुसार पालाकाड ज़िले में कार्यकर्ताओं ने पेप्सी के ख़िलाफ़ पहले मार्च और प्रदर्शन किया और फिर गोदाम के अंदर जाकर बोतलें तोड़ीं और सामान को नुकसान पहुँचाया. फ़िलहाल इन लोगों के ख़िलाफ़ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है. एक वाम दल के छात्र संगठन ने कोक और पेप्सी पर उन्हें उकसाने का आरोप लगाया. उधर कट्टरपंथी वाम दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्कसिस्ट-लेनिनिस्ट) ने धमकी दी है कि वे कोक और पेप्सी के केरल में वितरण को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएँगे. सरकार ने इन हिंसक घटनाओं पर फ़िलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. राज्य सरकार कह चुकी है कि वह उच्च न्यायालय के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'प्रभावित हो सकता है अमरीकी निवेश'13 अगस्त, 2006 | कारोबार ब्रितानी विशेषज्ञों ने कोक को 'सुरक्षित' कहा14 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस कीटनाशक तो माँ के दूध में भी-पवार05 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस केरल हाईकोर्ट कोकाकोला के पक्ष में02 जून, 2005 | भारत और पड़ोस कीटनाशक की जगह पेप्सी-कोक01 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||