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हरियाणा में यौन उत्पीड़न पर समिति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा सरकार ने स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर निगरानी रखने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है. यह फ़ैसला कुछ छात्राओं के साथ छेड़खानी और बलात्कार की घटनाओं में शिक्षकों के शामिल होने की शिकायत मिलने के बाद किया गया है. पिछले दिनों हरियाणा के हिसार में एक स्कूली छात्रा के साथ हुई ऐसी ही घटना के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे. इससे पहले जिंद ज़िले के दुर्जानपुर गाँव में स्थित स्कूल की एक छात्रा के साथ दुर्व्यवहार के मामले में दो शिक्षकों पर आरोप लगाया गया था. राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आरआर फूलिया ने कहा कि राज्य सरकार 'शैक्षणिक संस्थानों, ख़ास कर स्कूलों में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं से बेहद चिंतित है.' निगरानी समिति उन्होंने बताया कि इन शिकायतों के मद्देनज़र सरकार ने सभी प्रखंडों में निगरानी समिति गठित करने का फ़ैसला किया है. इस समिति में शिक्षाविद, वकील, पत्रकार, महिलाएँ, सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी और ज़िला प्रशासन के उच्चाधिकारी शामिल होंगे. आरआर फूलिया ने कहा कि छेड़खानी की घटना की शिकायत समिति के किसी भी सदस्य से की जा सकती है. समिति के सदस्यों के नाम और उनके फ़ोन नंबर सभी छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराए जाएँगे. उन्होंने कहा कि सभी समितियों को हर महीने राज्य सरकार को नियमित रुप से रिपोर्ट सौंपनी होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें असली मर्द की पहचान क्या है?16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सेक्स स्कैंडल के दो मामले स्थानांतरित04 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस समलैंगिकों ने बनाया स्वयं सहायता समूह30 जून, 2006 | भारत और पड़ोस भारतीय समलैंगिक क़ानून की आलोचना11 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस महिला अधिकारी के ख़िलाफ़ जाँच शुरू21 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस छेड़छाड़ पर गिल की याचिका ख़ारिज27 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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