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मोटे लोगों के लिए ख़ास डिज़ाइनर कपड़े | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ज़रा सोचिए कि आप बहुत चाव से अपनी कोई कमीज़ पहनने का फ़ैसला करें और ऐन वक़्त पर यह पता चले कि बढ़े हुए पेट की वजह से उसका बटन नहीं बंद हो रहा या फिर कुछ ऐसा ही आप के किसी पतलून के साथ हो. मोटापा आधुनिक युग की जीवनशैली की वजह से न सिर्फ़ शारीरिक बल्कि मानसिक रोग भी बन चुका है. अब कुछ ऐसा सोचिए कि कैसा हो अगर आपको ऐसी कमीज़ मिल जाए जो आपका बढ़ा हुआ पेट छुपा दे. कुछ ऐसा ही किया है सोमेश सिंह ने, जो अहमदाबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन (एनआईडी) के अपारेल डिज़ाइन एंड मर्केडाइज़िंग विभाग में कार्यरत हैं. सोमेश ने कुछ ऐसे वस्त्र डिज़ाइन किए हैं जो अपने डिज़ाइन और रंगों के चयन की वजह से देखने वाले का ध्यान पहनने वाले के पेट को छोड़ उसके चेहरे या उसके हाथों की ओर चला जाता है. उनका कहना है कि ऐसे कमीज़ों को बनाते वक़्त इस चीज़ पर सबसे ज़्यादा ध्यान दिया गया है कि कपड़ा पहनने वाले के शरीर पर आराम से फिट बैठ जाए और उसके बढ़े हुए पेट की वजह से यह कपड़ा खींचे नहीं. यह पूछे जाने पर कि इस तरह की कमीज़ें बनाने का विचार कैसे आया-सोमेश का कहना था, "जितने शारीरिक आकार-प्रकार के लोग भारतीय उपमहाद्वीप में देखने में आते है उतने कहीं भी नहीं नज़र आते. साथ ही यहाँ के लोगों पर अमरीकी या ब्रितानी साइज लागू नहीं होता." आरामदायक उनके मुताबिक़ आजकल मध्यम उम्र के लोग भी फ़ैशन के अनुसार ऐसे कपड़े पहनना चाहते हैं जो उनके शरीर पर अच्छे दिखें और साथ ही आरामदायक हो. सोमेश ने अभी तक सिर्फ़ पुरुषों के कपड़े ही डिज़ाइन किए हैं. उनका मानना है, "अभी तक पुरुषों के फ़ैशन को फ़ैशन फ़ोरम में ज़्यादा महत्व दिया गया है और पुरुषों का फ़ैशन महिलाओं के मुक़ाबले पिछड़ा हुआ है. मेरे लिए यह एक चुनौती थी." सोमेश का दावा है कि उनकी बनाई कमीज़ों को पहनने वाले पूरी तरह संतुष्ट है. पुरंदा दत्त जो कि सोमेश की बनाई कमीज़ पहन चुके हैं, बताते हैं- "आपको ये कपड़े पहनते ही आत्मविश्वास महसूस होता है. सामने आईना न भी हो तो भी लगता है कि यह कमीज़ शरीर के साथ अच्छी तरह एडजस्ट हो गई है. अक्सर ऐसा होता है कि आपकी कमीज़ की क्वालिटी तो बहुत अच्छी होती है पर वो शरीर के साथ एडजस्ट नहीं होती और पहनने का मज़ा नहीं आता." सोमेश का कहना है कि उनकी कमीज़ों में लोगों के साथ बहुत सी कंपनियों ने रुचि दिखाई है. अब वो इसी तरह की पैंट डिज़ाइन करने की कोशिश कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नाज़ी पोशाक' पर प्रिंस हैरी ने माफ़ी मांगी13 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना चर्च में आने वालों के कपड़ों पर चर्चा13 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस 'स्कर्ट' पर सानिया ने दिया जवाब17 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस डायना के ड्रेस की नकल नीलाम07 दिसंबर, 2005 | मनोरंजन कपड़े उतारकर वादा पूरा करेंगे पूर्व सांसद21 सितंबर, 2005 | मनोरंजन कूची से कपड़े उतारने की कला08 अक्तूबर, 2004 | मनोरंजन फैशन का नया अंदाज़, बाँस के लिबास24 सितंबर, 2004 | कारोबार इन कपड़ों में आप कैसे दिखेंगे?28 जनवरी, 2004 | विज्ञान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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