|
'श्रम क़ानूनों पर मुख्यमंत्रियों को लिखेंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विभिन्न राज्यों में श्रम क़ानूनों को ठीक से नहीं लागू किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वो इस संबंध में सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे. उनका कहना था कि वे ये मुद्दा राष्ट्रीय विकास परिषद की अगली बैठक में भी उठाएँगे. प्रधानमंत्री आवास पर विभिन्न मज़दूर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने यह आश्वासन दिया है. प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारू ने इस बारे में और जानकारी देते हुए बताया कि ज़्यादातर संगठनों का कहना था कि कर्मचारियों के वेतनमान, उनकी कार्यावधि और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में कागज़ पर क़ानून हैं लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा. मज़दूर संगठनों ने श्रम मंत्रालय की कार्य शैली की भी आलोचना की. बकाया राशि प्रधानमंत्री ने ये आश्वासन भी दिया कि पूजा के मौसम यानी अक्तूबर से पहले सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों में कर्मचारियों की 350 करोड़ रुपए की बकाया राशि भी जारी की जाएगी. मुलाक़ात के बाद प्रधानमंत्री की तरफ से कर्मचारियों के बोनस के संबंध में भी घोषणा की गई और कहा गया कि बोनस पर लगी सीलिंग दस साल पुरानी है और इसकी समीक्षा मंत्रिमंडल की बैठक में की जाएगी. प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि उनके अधिकारों की रक्षा भी होनी चाहिए. प्रधानमंत्री की तरफ़ से मज़दूरों की विभिन्न समस्याओं मसलन सामाजिक सुरक्षा, काम करने की शर्ते और उनके वेतन इत्यादि के बारे में आगे विचार करने के लिए एक 'वर्किंग ग्रुप' बनाने की भी घोषणा की. इस वर्किंग ग्रुप में संबंधित पक्षों के लोग होंगे और इन मुद्दों पर आगे बढ़ने के रास्ते खोजेंगे. |
इससे जुड़ी ख़बरें बाल मज़दूरों को रखना ग़ैरकानूनी01 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस रोज़गार की योजना पर काम जारी: ओला12 जून, 2004 | भारत और पड़ोस ईपीएफ़ ब्याज़ दर घटकर 8.5 प्रतिशत07 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस श्रम मंत्रालय से बात करेंगे प्रधानमंत्री09 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||