|
रोज़गार की योजना पर काम जारी: ओला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के श्रम मंत्री सीस राम ओला का कहना है कि केंद्र सरकार हर परिवार के एक सदस्य को 100 दिन में रोज़गार देने की योजना पर तेज़ी से काम कर रही है. जिनेवा में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की बैठक में भाग लेने आए ओला ने बीबीसी हिंदी के साथ बातचीत में कहा कि इस बैठक का उद्देश्य श्रम और इंडस्ट्री के बीच समन्वय पैदा करना है. भारत में काँग्रेस की नई सरकार के वादे को दोहराते हुए श्रम मंत्री ने कहा कि उनकी योजना है कि बेरोज़गार व्यक्ति को साल में 100 दिन रोज़गार मिलना चाहिए. उन्होंने कहा, "हमारी पूरी कोशिश होगी कि जल्दी ही इस पर काम करना शुरू कर दें." सबसे ग़रीब को प्राथमिकता उन्होंने यह नहीं बताया कि सरकार किस प्रकार से इस मामले में लोगों को चुनेगी लेकिन उन्होंने उम्मीद यह जताई कि जल्दी ही इन कठिनाओं को दूर कर, इस बारे में एक क़ानून लाया जाएगा. सरकार की इस योजना में किस तरह का रोज़गार होगा यह भी अभी तय नहीं है लेकिन ओला ने कहा, “सबसे पहले ग़रीबी रेखा के नीचे रह रहे लोगों पर ध्यान दिया जाएगा.” “66 रूपए प्रतिदिन उन्हें मज़दूरी की तरह दें इस बार में काम हो रहा है और इसका बजट में प्रावधान होगा.” बाल श्रमिक दिवस शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रमिक दिवस भी है. भारत में बाल मज़दूरों की बड़ी संख्या के बारे में ओला ने कहा कि बाल श्रमिक उन्मूलन कार्यक्रम 227 ज़िलों में चल रहा है जिसके लिए 602 करोड़ रूपए उनके पास बजट में है. उनकी योजना है कि सात से 14 वर्ष के बच्चों को स्कूल में भेजा जाए. उन्होंने कहा कि जिनमें हीन भावना आ गई हो उनके लिए अलग से स्कूल की व्यवस्था की जाए. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||