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श्रम मंत्रालय से बात करेंगे प्रधानमंत्री | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ़) की ब्याज दर घटाने के मामले में कर्मचारी संगठनों और विपक्षी पार्टियों के दबाव में झुकते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि वे श्रम मंत्रालय से इस बारे में बात करेंगे. बुधवार को ईपीएफ़ बोर्ड की बैठक में वर्ष 2005-06 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि की ब्याज़ दर 9.5 प्रतिशत से घटाकर 8.5 प्रतिशत करने का फ़ैसला किया गया था. लेकिन विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ सरकार को समर्थन दे रही वामपंथी दलों ने इस पर आपत्ति व्यक्त की थी. शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय श्रम सम्मेलन के उदघाटन सत्र में भाषण करते हुए कहा, "मैं इस मामले पर श्रम मंत्रालय के साथ विचार विमर्श करूँगा. मैं यह जानने की कोशिश करूँगा कि ईपीएफ़ संगठन के संसाधनों के दायरे में क्या हो सकता है." आश्वासन कर्मचारी संगठनों की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कर्मचारी संगठनों की मांग पर विचार किया है और वे समझ सकते हैं कि ब्याज दर घटाने से कर्मचारी दुखी हुए हैं. बुधवार को दिल्ली में एक बैठक के बाद केंद्रीय श्रम मंत्री चंद्रशेखर राव ने कहा था कि साढ़े आठ प्रतिशत का ब्याज़ देने से हमें लगभग 370 करोड़ रूपए की अतिरिक्त आवश्यकता होगी. उन्होंने कहा," इस अतिरिक्त बोझ के कारण सरकारी ख़ज़ाने पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा. इसके लिए अतिरिक्त संसाधन खोजने का भार श्रम मंत्रालय पर होगा". भारत में लगभग चार करोड़ लोग कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्य हैं. ईपीएफ़ की ब्याज़ दर को घटाने के पीछे एक प्रमुख कारण ये बताया जा रहा है कि 9.5 प्रतिशत ब्याज़ दर के समय वित्त वर्ष 2004-05 में ईपीएफ़ संगठन को 716 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था. | इससे जुड़ी ख़बरें ईपीएफ़ ब्याज़ दर घटकर 8.5 प्रतिशत07 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस ईपीएफ़ ब्याज में कटौती | भारत और पड़ोस शीतकालीन सत्र पर वाममोर्चे की बैठक18 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'ईरान पर ग़लती न दोहराए सरकार'13 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वामपंथी लौटेंगे यूपीए की बैठकों में13 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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