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शीतकालीन सत्र पर वाममोर्चे की बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोकसभा के शीतकालीन सत्र के मद्देनज़र शुक्रवार को वामपंथी दलों के नेताओं ने दिल्ली में एक बैठक की जिसमें सत्र के दौरान वामदलों की रणनीति पर चर्चा की गई. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश कारत ने बताया कि आगामी सत्र को देखते हुए यह बैठक की गई है. उन्होंने बताया, "इस सत्र के दौरान कई अहम सवाल उठाए जाएंगे जिनमें ईरान के मुद्दे पर भारत सरकार के रवैए का मसला अहम है." कारत ने बताया, "इसके अलावा वोल्कर रिपोर्ट की जाँच से निकले नतीजों और आगे इस रिपोर्ट का क्य़ा होना है, इस पर भी सदन में चर्चा की जाएगी." भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एबी बर्धन ने वोल्कर रिपोर्ट के बारे में कहा, "हम चाहते हैं कि इस जाँच का दायरा और बढ़ाया जाए क्योंकि वोल्कर रिपोर्ट में कुछ दूसरे बड़े तेल ठेकों का ज़िक्र भी है, हम सरकार से कहेंगे कि उन्हे भी जाँच के दायरे में लिया जाए." उन्होंने कहा "कई ऐसे भी तेल अनुबंध हैं जो एनडीए सरकार के कार्यकाल में हुए थे. उन्हें भी जाँच के दायरे में लिया जाए." बर्धन ने बताया कि 21 नवंबर की यूपीए-वामदलों की बैठक में सरकार से पूछा जाएगा कि ईरान के मसले पर उनका क्या रुख़ है. महासचिव कारत ने बताया कि इनके अलावा दामों में बढ़ोत्तरी से किसानों को हो रही तकलीफ़ और जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम को बाद की स्थिति पर भी सदन में चर्चा की जाएगी. वामदल के हवाले से बताया गया कि इसके अलावा सदन में इस सत्र के दौरान दो विधेयकों, महिला आरक्षण और अनुसूचित जनजाति वन अधिकार अधिनियम को पारित करवाने का प्रयास भी किया जाएगा. ग़ौरतलब है कि इससे पहले अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में ईरान के मुद्दे पर भारत ने अमरीकी रुख़ का साथ देते हुए ईरान के ख़िलाफ़ मतदान किया था. सरकार के इस रुख़ का वामपंथी दलों ने काफ़ी विरोध भी किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ईरान पर ग़लती न दोहराए सरकार'13 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस ईरान मुद्दे पर वामपंथी अभी भी नाराज़28 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भारत-अमरीका संयुक्त अभ्यास का विरोध07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वामपंथी नटवर के समर्थन में आए 04 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वामपंथी लौटेंगे यूपीए की बैठकों में13 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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