BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 02 अगस्त, 2006 को 21:45 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
दो सुनवाई में बलात्कार मामले का फ़ैसला

पुलिस
बिहार में वर्षों से क़ानून और व्यवस्था एक प्रमुख मुद्दा रहा है
बिहार की एक अदालत ने बलात्कार के मामले में दो दिनों की सुनवाई के बाद एक व्यक्ति को सात साल की सज़ा सुना दी. भारत के इतिहास में ये अदालत का ये सबसे तेज़ फ़ैसला है.

आम तौर पर ज़्यादातर मामले वर्षों तक चलते हैं और यहाँ तक कि कुछ मामलों में फ़ैसला होने में दशकों तक लग जाते हैं.

लेकिन इस मामले की सुनवाई 25 जुलाई को शुरू हुई और 27 जुलाई को फ़ैसला आ गया.

पिछले साल दिसंबर में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार हुआ था.

अभियोग पक्ष ने आरोप लगाया था कि गजेंद्र सिंह ने लड़की के साथ उस समय बलात्कार किया था जब वह खेत में सब्जी तोड़ने गई थी.

लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज की और उसके बाद पुलिस ने उसका डॉक्टरी परीक्षण करवाया. इसमें बलात्कार की पुष्टि हुई और अप्रैल में पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया.

सुनवाई

इसके बाद न्यायाधीश अरुण कुमार श्रीवास्तव के सामने यह मामला आया.

उन्होंने डॉक्टर और पुलिस की दलीलें सुनीं और उसके बाद फ़ैसला सुना दिया.

 राज्य में अपराध और अपहरण को रोकने के लिए हमने रणनीति की तहत अपराधियों के ख़िलाफ़ जल्दी से जल्दी आरोपपत्र दाखिल करने शुरू कर दिए हैं ताकि सुनवाई जल्द हो सके और जल्द फ़ैसला सुनाया जा सके
अभयानंद, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी अभयानंद का कहना है कि बलात्कार मामले में दो दिनों की सुनवाई के बाद फ़ैसला आ जाने का समाज पर सकारात्मक असर पड़ेगा.

उनका कहना है कि जल्द न्याय दिलवाने में पुलिस की भी अहम भूमिका होती है.

वो कहते हैं,'' राज्य में अपराध और अपहरण को रोकने के लिए हमने रणनीति की तहत अपराधियों के ख़िलाफ़ जल्द से जल्द आरोपपत्र दाखिल करने शुरू कर दिए हैं ताकि सुनवाई जल्द हो सके और जल्द फ़ैसला सुनाया जा सके. इससे अपराधियों को स्पष्ट संदेश जाएगा.''

ग़ौरतलब है कि भारत में बिहार सबसे अराजक राज्य माना जाता है और यहाँ अपराध की दर बहुत अधिक है.

इससे जुड़ी ख़बरें
बलात्कारियों को 16 दिन में सज़ा
01 जून, 2005 | भारत और पड़ोस
बलात्कार मामले में सात साल की सज़ा
12 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस
बलात्कार मामले में 12 साल की सज़ा
03 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>