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मुंबई पुलिस ने पत्रकार को गिरफ़्तार किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन, स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ इंडिया यानि सिमी से कथित संबंधों की वजह से एक पत्रकार को गिरफ़्तार किया है. सिमी पर संदेह किया जा रहा है कि उसका मुंबई में हुए सिलसिलेवार सात बम धमाकों में हाथ था. बम धमाकों की जाँच कर रहे आतंकवाद निरोधी दस्ते के प्रमुख केपी रघुवंशी ने बताया कि पत्रकार दानिश शौकत के पास आपत्तिजनक साहित्य पाया गया. इसमें किताबें और सी़डी शामिल हैं. उसके बाद उन्हें रविवार की रात गिरफ़्तार कर लिया गया. शौकत मुंबई के एक उर्दू दैनिक के लिए काम करते थे. पुलिस ने शनिवार को एहतशाम सिद्दीकी नामक व्यक्ति को भी ऐसे ही साहित्य रखने और सिमी के साथ कथित संबधों की वजह से गिरफ़्तार किया था. दोनों व्यक्तियों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन गिरफ़्तारियों के बाद वो इस मामले की तह के काफ़ी क़रीब हैं. पुलिस का मानना है कि इन बम धमाकों में सिमी का हाथ था और उसने पाकिस्तान स्थित लश्करे तैबा के इशारे पर यह किया. हालांकि लश्करे तैबा इन धमाकों में हाथ होने से इनकार करता है. ग़ौरतलब है कि 11 जुलाई को मुंबई में सात जगहों पर सिलसिलेवार ढंग से हुए बम धमाकों में 182 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 700 से भी ज़्यादा लोग घायल हो गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें मुंबई धमाकों में चौथी गिरफ़्तारी24 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाकों में पहली गिरफ़्तारियाँ21 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस ख़ुफ़िया तंत्र मज़बूत बनाने की सिफ़ारिश19 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'भारत ठोस सबूत दे तो जाँच में सहयोग' 18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'धमाकों में आरडीएक्स का इस्तेमाल'17 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाकों के सिलसिले में छापे 16 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाके: गुप्तचर एजेंसियों पर सवाल14 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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