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ख़ुफ़िया तंत्र मज़बूत बनाने की सिफ़ारिश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई बम विस्फोटों से सबक सीखते हुए भारत सरकार ने सभी राज्यों से ख़ुफ़िया तंत्र को ज़्यादा आधुनिक और मज़बूत बनाने की सिफ़ारिश की है. केंद्र सरकार की ओर से ये सिफ़ारिश सभी राज्यों की मुख्य सचिवों की बैठक में केंद्रीय गृह सचिव वीके दुग्गल ने की है. इसके लिए राज्यों को केंद्र सरकार की ओर से और संसाधन और धन मुहैया करवाने का आश्वासन दिया गया है. सभी राज्यों को इन सिफ़ारिशों पर अपनी प्रतिक्रिया से केंद्र सरकार को अवगत करवाना है. बैठक में मौजूद अधिकारियों के अनुसार राज्यों के ख़ुफ़िया तंत्र या गुप्तचर एजेंसियों को मज़बूत बनाने के लिए कई सिफ़ारिशें की गई हैं. इसमें कहा गया है कि क़ाबिल लोगों को पुलिस से हटाकर ख़ुफ़िया विभाग में स्थानांतरित करना चाहिए, कार्यक्षमता के आधार पर पदोन्नति और वेतनवृद्धि देनी चाहिए और ख़ुफ़िया विभाग को अच्छे उपकरण उपलब्ध करवाए जाने चाहिए. इन सिफ़ारिशों में ये भी कहा गया है कि असफलता की स्थिति में सज़ा और पदावनत करने का भी प्रावधान किया जाना चाहिए. केंद्र सरकार ने कहा है कि वह राज्यों के बीच तालमेल के लिए अपनी भूमिका बढ़ाने के लिए तैयार है. ख़ुफ़िया तंत्र को मज़बूत करने के लिए धनराशि का एक हिस्सा तो पुलिस आधुनिकीकरण परियोजना के मद से आएगा और कुछ हिस्सा राज्यों को ख़ुद लगाना होगा. केंद्र सरकार ने उपकरणों और प्रशिक्षण का खर्च ख़ुद उठाने का आश्वासन दिया है. अधिकारियों के अनुसार इस विषय में जल्दी ही एक और बैठक बुलाई जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें कलाम के नेतृत्व में मृतकों को श्रद्धांजलि18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'भारत ठोस सबूत दे तो जाँच में सहयोग' 18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाकों की जाँच में 'मामूली प्रगति'12 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कसूरी के इंटरव्यू पर हुआ विवाद12 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाके: गुप्तचर एजेंसियों पर सवाल14 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई में सात धमाके, 170 मौतें11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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