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'धमाकों में आरडीएक्स का इस्तेमाल' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी एटीएस के मुताबिक फॉरेंसिक जाँच से पता चलता है कि मुंबई बम धमाकों में आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था. एटीएस प्रमुख केपी रघुवंशी ने सोमवार को मुंबई में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक जाँच रिपोर्ट से पता चलता है कि 11 जुलाई को मुंबई के रेल नेटवर्क को निशाना बना कर किए गए सात विस्फ़ोटों में आरडीएक्स और अमोनिएम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ था. रघुवंशी ने कहा कि विस्फोट के बाद घटनास्थलों से मिले नमूनों की जाँच इस ओर संकेत करता है कि विस्फोट करने के लिए टाइमर का इस्तेमाल किया गया था. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जाँच महत्वपूर्ण चरण में है और इसी सिलसिले में मुंबई पुलिस की एक टीम त्रिपुरा रवाना हो गई है. त्रिपुरा में बंगलादेश की सीमा से सटे इलाकों में कुछ संदिग्ध हिरासत में लिया गया है. रघुवंशी ने कहा कि मुंबई पुलिस की टीम इन लोगों से पूछताछ करेगी. इन धमाकों में 183 लोग मारे गए थे और 714 से अधिक लोग घायल हुए. | इससे जुड़ी ख़बरें मुंबई धमाके: गुप्तचर एजेंसियों पर सवाल14 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान अपने वादे पर अमल करे'16 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाकों के सिलसिले में छापे 16 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'मदद के लिए तैयार' मुशर्रफ़14 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अब तक 300 लोगों से पूछताछ13 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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