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परमाणु समझौते पर माकपा की आपत्ति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने अमरीका के साथ प्रस्तावित परमाणु समझौते में किए गए 'बदलाव' पर आपत्ति जताई है. दो दिनों तक चली पोलित ब्यूरो की बैठक के आख़िरी दिन रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी ने संसद के मौजूदा सत्र में परमाणु समझौते पर व्यापक बहस कराने की माँग की है. पार्टी ने कहा कि अमरीका जिस तरह से परमाणु सहमति के मसौदे में बदलाव कर रहा है उससे पार्टी चिंतित है. बयान में कहा गया है, "प्रतिनिधि सभा से पारित विधेयक और और अब सीनेट में बहस के लिए तैयार प्रारूप से स्पष्ट हो जाता है कि समझौते की शर्तें वैसी नहीं रहीं जैसा कि प्रधानमंत्री ने संसद में दिए बयान में कहा था." माकपा का कहना है कि बदली हुई परिस्थिति में इस समझौते को संसद में परखना ज़रूरी है. पार्टी ने मांग कि कि संसद में बहस तुरंत होनी चाहिए क्योंकि अमरीकी संसद से संबंधित क़ानून बन जाने पर बहस का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. इसराइल की निंदा पार्टी ने लेबनान में इसराइली हमले की निंदा करते हुए आरोप लगाया है कि अमरीका ही युद्धविराम की घोषणा में बाधा पहुँचा रहा है. पार्टी ने कहा है कि इसराइली हमलों से लेबनान की लगभग 20 फ़ीसदी आबादी विस्थापित हो चुकी है. सैंकड़ों मारे गए हैं और घायल हुए हैं. बदले हालात में माकपा ने मांग की है कि केंद्र सरकार को इसराइल से हथियारों की ख़रीद रोक देनी चाहिए. माकपा ने मँहगाई पर लगाम न लगा पाने के लिए केंद्र सराकर की खिंचाई की है. पार्टी ने अपने बयान में कहा है कि अनाजों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की क़ीमतें नियंत्रित रखने के लिए ज़रूरी है कि इनका वायदा कारोबार रोक दिया जाए. माकपा ने बाज़ार के बिचौलियों और काला बाज़ारियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'समझौते से भारत की ताकत बढ़ेगी'27 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस लेबनान मुद्दे पर दिल्ली में प्रदर्शन29 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस परमाणु सहयोग की मंज़ूरी का स्वागत27 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'नई शर्तें स्वीकार नहीं करेगा भारत'26 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'महंगाई के ख़िलाफ़ आंदोलन होगा'04 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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