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छठे वेतन आयोग के गठन को मंज़ूरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 55 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए छठे केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंज़ूरी दे दी है. ये आयोग अंतरिम राहत की सिफ़ारिश भी करेगा. समाचार एजेंसियों के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में तय हुआ कि आयोग का चेयरमैन राज्यमंत्री स्तर का होगा और दो अन्य सदस्य होंगे जिनके नाम की घोषणा प्रधानमंत्री करेंगे. ये आयोग गठन की तारीख़ से 18 महीने के भीतर अपनी सिफ़ारिशें देगा. इससे पहले अप्रैल 1994 में पाँचवें वेतन आयोग का गठन किया गया था जिसने जनवरी 1997 में अपनी सिफ़ारिशें दी थीं. पाँचवें वेतन आयोग की सिफ़ारिशों को लागू करने के बाद केंद्र सरकार पर लगभग 17 हज़ार करोड़ रुपए का वार्षिक बोझ पड़ा था. राज्य सरकारों पर बोझ पत्रकारों से बातचीत में सूचना-प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने बताया कि आयोग केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों की सेवा के कुछ पहलुओं पर भी ध्यान देगा. महत्वपूर्ण है कि 12वें वित्त आयोग ने सरकार को सलाह दी थी कि वह समय-समय पर वेतन आयोग के गठन से परहेज़ करे क्योंकि पाँचवें वेतन आयोग की सिफ़ारिशें लागू करने के बाद अनेक राज्य सरकारों पर भी गंभीर वित्तीय बोझ पड़ा था. केंद्रीय वेतन आयोग की सिफ़ारिशों के आधार पर ही राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों के वेतन बढ़ाती हैं. महत्वपूर्ण है कि भाजपा की सरकार वाले मध्यप्रदेश और गुजरात ने छठे वेतन आयोग के गठन का विरोध किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा वेतन भारतीयों के बढ़े12 नवंबर, 2003 | कारोबार एशिया में भारतीयों की तनख़्वाह सबसे ज़्यादा बढ़ी13 नवंबर, 2003 | कारोबार नई पेंशन योजना को मंज़ूरी | भारत और पड़ोस बजट: विकास पर नज़र, नए कर नहीं28 फ़रवरी, 2006 | कारोबार 'रचनात्मकता से शून्य बजट' 28 फ़रवरी, 2006 | कारोबार ज़्यादा वेतन से ज़्यादा ख़ुशी?27 जून, 2003 | कारोबार अब्बास ने वित्तीय संकट की चेतावनी दी19 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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