BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 27 जून, 2006 को 16:52 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'एलटीटीई के खेद जताने का मतलब नहीं'
आनंद शर्मा
आनंद शर्मा ने बालासिंघम की टिप्पणी को ज़्यादा महत्व नहीं देने की बात की
भारतीय विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बारे में एलटीटीई की टिप्पणी को नकारते हुए कहा है कि उस घटना को भारत के लोग कभी भूल नहीं सकते हैं.

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना को अंजाम देने के बाद अलगाववादी संगठन एलटीटीई की ओर से घटना पर अफ़सोस ज़ाहिर करने का कोई मतलब नहीं बनता है.

आनंद शर्मा ने कहा कि भारत के लोग इस घटना को न तो भूलेंगे और न ही इसके दोषियों को माफ़ करेंगे.

आनंद शर्मा ने यह बात तमिल अलगाववादी नेता एंटन बालासिंघम की उस टिप्पणी की प्रतिक्रिया में कही जिसमें बालासिंघम ने कहा था कि वो वर्ष 1991 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या पर अफ़सोस व्यक्त करते हैं.

एनडीटीवी चैनल को साक्षात्कार में बालासिंघम ने राजीव गांधी की हत्या को एक ऐतिहासिक त्रासदी बताया है.

ग़ौरतलब है कि वर्ष 1991 में चेन्नई के पास एक चुनावी जनसभा के दौरान एक आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी.

'चतुराई'

बालासिंघम की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए 'द हिंदू' समाचार दैनिक के संपादक एन राम ने समाचार चैनल एनडीटीवी पर कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है जब एलटीटीई की ओर से ऐसी टिप्पणी की गई है.

उन्होने कहा कि इस बात पर ध्यान देने की ज़रूरत है कि एलटीटीई नेता काफ़ी चतुराई से राजीव गांधी की हत्या के पीछे एलटीटीई का हाथ होने की बात स्वीकारने से बच निकले.

उधर एक प्रश्न के जवाब में आनंद शर्मा ने समाचार चैनल एनडीटीवी को बताया कि एलटीटीई एक ऐसा संगठन है जो कि भारत में प्रतिबंधित है और दुनिया के कई देशों ने इसे एक आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है.

इससे जुड़ी ख़बरें
राजीव हत्याकांड में याचिका दायर
06 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस
हमारे परिवार को गंभीर ख़तराः सोनिया
06 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>