फैसल मोहम्मद अली रायबरेली से बीबीसी संवाददाता |  |
 |  सोनिया गाँधी का कहना है कि कांग्रेस अब गठबंधन के लिए तैयार है |
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी का कहना है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में गठबंधन की गंभीर कोशिश कर रही है लेकिन अगर इसमें सफलता नहीं मिलती तो कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी. बीबीसी हिंदी के संवाददाता फैसल मोहम्मद अली से रायबरेली में हुई विशेष बातचीत में सोनिया गाँधी ने कहा कि वे भी अपने पति और सास की तरह देश के लिए काम करते हुए जान देना पसंद करेंगी. उनसे हुई बातचीत के प्रमुख हिस्से - पहले गाँधी-नेहरु परिवार से इंदिरा गांधी और संजय गांधी एक साथ संसद में थे और फिर इंदिरा गांधी और राजीव गांधी भी संसद में थे यदि आप दोनों (सोनिया और राहुल) भी जीतते हैं तो यह संयोग तीसरी बार दोहराया जाएगा. आप कैसा महसूस कर रही हैं? मैं इस बार रायबरेली से चुनाव लड़ रही हूँ. यह एक सुखद एहसास है क्योंकि यही वो संसदीय क्षेत्र है, जहाँ से न केवल मेरी सास (इंदिरा गांधी), बल्कि मेरे ससुर फ़िरोज़ गाँधी भी चुने जा चुके हैं. यह ऐतिहासिक महत्व वाला क्षेत्र है. यह मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल नेहरू के समय से ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहा है. मिसाल के तौर पर उत्तर प्रदेश में नमक-सत्याग्रह यहीं से पंडित नेहरू और उनके सहयोगियों के नेतृत्व में शुरू हुआ था. गाँधी परिवार के कुछ सदस्यों की पहले हत्या हो चुकी है. क्या आपको नहीं लगता कि अभी भी परिवार के लिए ख़तरा बना हुआ है? जी हाँ, हमारे परिवार के सामने बहुत गंभीर ख़तरे हैं. मेरे पति और सास की हत्या बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हादसा थी, लेकिन यह राजनीतिक जीवन का हिस्सा है. वे (इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी) जिए भी देश के लिए और देश के लिए ही अपनी जान भी दे दी. मैं भी किसी और तरह से मरने की जगह देश की सेवा करते हुए अपनी जान देना चाहूँगी. आपकी इस चुनाव से क्या अपेक्षा है? क्या आपको लगता है कि आप सरकार बना सकेंगी? बिल्कुल, हम इसी लक्ष्य के साथ लड़ेंगे और इस दिशा में हरसंभव प्रयास करेंगे. आप एक गठबंधन खड़ा करने का प्रयास कर रही हैं. लेकिन क्या आपको नहीं लगता कि दक्षिण में द्रमुक (डीएमके) के अलावा आपको अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश में सफलता नहीं मिल सकी है नहीं, ऐसा नहीं है. महाराष्ट्र और बिहार में हमारा गठबंधन है. हाँ, उत्तर प्रदेश में कोई गठबंधन नहीं हो सका. लेकिन जैसा कि मैं पहले भी कह चुकी हूँ कि अगर अन्य पार्टियों के साथ एक समझ नहीं बन पाती है तो हम बिना किसी भय के, अपने ही दम पर चुनाव लड़ेंगे. तो क्या आपको लगता है कि आप बिना गठबंधन के, अकेले ही बेहतर चुनाव लड़ सकेंगी? नहीं, हम एक गठबंधन तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. ख़ासकर उत्तर प्रदेश में. कांग्रेस पार्टी ने गठबंधन के लिए समझ बनाने की हरसंभव कोशिश की है, लेकिन इस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है. |