|
केंद्र और अल्फ़ा सीधे बातचीत करेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार और असम का प्रमुख अलगाववादी संगठन अल्फ़ा, राज्य में शांति कायम करने के लिए सीधे बातचीत करेंगे. गुरुवार को अल्फ़ा के ग्यारह सदस्यों वाले दल - पीपुल्स कंसलटेटिव ग्रुप और भारत के गृह मंत्रालय के प्रतिनिधियों के बीच बैठक के बाद ये तय हुआ है. इस बैठक में गृह मंत्री शिवराज पाटिल और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया. बैठक के बाद एक संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनो पक्ष आपसी चर्चा के बाद वार्ता के बारे में प्रमुख बातें तय करेंगे. लेकिन इस वार्ता के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है. मानवाधिकार संगठनों के कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों वाले पीपुल्स कंसलटेटिव ग्रुप और भारत सरकार के बीच ये तीसरी बैठक थी. ग्रह सचिव विनोद दुग्गल ने कहा कि इस ग्रुप ने अल्फ़ा के साथ सीधी बातचीत करने की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया है. संयुक्त बयान में सरकार ने अल्फ़ा से अनुरोध किया है कि वह असम में शांतिपूर्ण माहौल कायम करने में मदद करे ताकि वार्ता हो सके. भारत सरकार ने ये भी कहा है कि वह अल्फ़ा के पाँच नेताओं की रिहाई के बारे में विचार करेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अल्फ़ा के साथ दूसरे दौर की वार्ता होगी'23 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस असम में अल्फ़ा ने कई धमाके किए22 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अल्फ़ा करेगा गणतंत्र दिवस का बहिष्कार20 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री की अल्फ़ा से बातचीत26 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस उल्फ़ा विद्रोहियों ने केंद्र को पत्र लिखा03 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||