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'पृथ्वी' का एक और सफल परीक्षण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने सतह से सतह पर मार करने में सक्षम मध्यम दूरी की मिसाइल पृथ्वी का सफल परीक्षण किया है. इसे उड़ीसा में समुद्र तट पर स्थित चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज यानी आईटीआर से प्रक्षेपित किया गया. समाचार एजेंसियों के मुताबिक स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बज कर 40 मिनट पर पृथ्वी को आईटीआर के मोबाइल लॉंचर से प्रक्षेपित किया गया. ये निर्धारित समय के भीतर पहले से तय लक्ष्य को भेदने में सफल रही. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के निर्देशन में मिसाइल का परीक्षण किया गया. डीआरडीओ 'एकीकृत लक्षित मिसाइल विकास योजना' के तहत पाँच मिसाइलें विकसित कर रहा है और पृथ्वी इनमें से एक है. पृथ्वी 250 किलो वजनी युद्ध सामग्री के साथ 250 से 300 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने में सक्षम है. आईटीआर के मुताबिक विकास के अगले चरणों में पृथ्वी की मारक क्षमता में और इजाफ़ा किया जाएगा. इसका पहला परीक्षण 22 फरवरी 1988 को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा रॉकेट प्रक्षेपण केंद्र से किया गया था और उसके बाद से इसका कई बार सफल परीक्षण किया जा चुका है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत ने पृथ्वी-3 का परीक्षण किया27 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस भारत ने ब्रह्मोस का परीक्षण किया09 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस 'आकाश' मिसाइल के दो सफल परीक्षण28 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस भारत की परमाणु यात्रा | भारत और पड़ोस भारत ने अग्नि-2 का परीक्षण किया29 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस क्या हैं क्रूज़ मिसाइल11 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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