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भारत ने पृथ्वी-3 का परीक्षण किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने मध्यम दूरी तक मार करने वाली क्षमता वाली मिसाइल पृथ्वी-3 का बुधवार को सफल परीक्षण किया. रक्षा सूत्रों ने बताया कि परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस मिसाइल नौसैनिक संस्करण का उड़ीसा के चांदीपुर परीक्षण से इसका प्ररीक्षण किया गया. भारत के परमाणु प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान ने भी परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइल का 12 अक्तूबर को परीक्षण किया था. हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ने के बावजूद दोनों ही परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइलों के परीक्षण करते रहे हैं. भारत ने ताज़ा परीक्षण ऐसे समय किया जब दो दिन पहले ही पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कश्मीर विवाद के हल के लिए कुछ नए और असाधारण सुझाव रखे थे हालाँकि भारत ने उन पर ठंडी प्रतिक्रिया ही ज़ाहिर की थी. पृथ्वी मिसाइल 300 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है और यह परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है. इसे किसी जहाज़ या पनडुब्बी से भी दागा जा सकता है. समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि यह परीक्षण पहली बार पानी के अंदर कृत्रिम रूप से बनाए गए प्लेटफ़ॉर्म से किया गया था. पाकिस्तान ने अपनी परमाणु हथियार ले जाने मे सक्षण मिसाइल ग़ौरी के इस साल चार परीक्षण किए हैं. पाकिस्तान ने कहा कि बुधवार को पृथ्वी के परीक्षण के बारे में भारत सरकार ने उन्हें सूचित कर दिया था. अंतरराष्ट्रीय संधि के अनुसार किसी भी देश को ऐसे परमाणु परीक्षण करने से पहले अपने पड़ोसी देशों को सूचित करना होता है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने कहा कि दोनों ही देश क्षेत्र की सामरिक स्थिरता के लिए काम कर रहे हैं. |
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