|
'व्यावसायिक हितों की रक्षा की जाएगी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के वित्त मंत्री रामशरण महत ने कहा है कि नेपाल में भारतीय व्यावसायिक हितों की रक्षा की जा रही है और आने वाले दिनों में नेपाल में विदेशी निवेश को और बढ़ावा दिया जाएगा. भारतीय उद्योग समूह द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में महत ने कहा कि नेपाल में भारतीय निवेश को भी बढ़ावा दिया जाएगा. यह पूछे जाने पर पूर्व में भारतीय व्यावसायिक हितों पर माओवादियों के हमले हुए है क्या यह भारत को वहाँ निवेश से रोकेगा नही, महत का कहना था कि ये घटनाएं बहुत अधिक नहीं हुई हैं और आने वाले दिनों में ऐसी घटनाएं और कम हो जाएँगी. महत का कहना था कि माओवादी भी अपने को वैध ताकत के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं और ऐसे में वो कतई नहीं चाहेंगे कि व्यवसायी और पड़ोसी देश उनसे नाराज़ हों. सीआईआई के कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में महत ने निवेश के लिए नेपाल के बेहतरीन माहौल की वकालत की वहीं यह भी कहा कि नेपाल में अब तेज़ी से ज़बरदस्त विकास की संभावना बन रही हैं. भारत द्वारा दी जा रही मदद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हमारी ज़रुरतें जिस तरह की हैं वो सबकुछ भारत तो नहीं कर सकता लेकिन जिस तरह से हमें मदद मिली है उससे हम समग्रता में संतुष्ट हैं. " हालांकि बार बार पूछे जाने पर भी महत ने यह नहीं बताया कि भारत ने नेपाल को कितना पैकेज दिया है. उन्होंने कहा कि इस बारे में बाद में घोषणा की जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें माओवादियों से बातचीत की तैयारी25 मई, 2006 | भारत और पड़ोस संघर्षविराम की निगरानी पर सहमति26 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में माओवादियों की बड़ी रैली02 जून, 2006 | भारत और पड़ोस पूर्व मंत्रियों को रिहा करने का निर्देश04 जून, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल से उत्साहित हैं भारत के नक्सलवादी07 जून, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में नरेश विरोधी रैली पर लाठी चार्ज03 मई, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||