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नेपाल में माओवादियों की बड़ी रैली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में संविधान सभा के गठन के लिए दबाव बनाने के लिए माओवादियों ने शुक्रवार को काठमांडू में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जिसमें लगभग दो लाख लोगों ने हिस्सा लिया. माओवादी विद्रोही नई गठबंधन सरकार पर जल्दी संविधान सभा का गठन करने का दबाव डाल रहे है जिससे कि नए संविधान की रचना जल्दी हो सके. पिछले तीन सालों में माओवादियों की ये पहली रैली है. इन तीन सालों में माओवादियों ने दूसरी बार संघर्ष विराम किया है और शांति स्थापना के लिए सरकार से साथ बात कर रहे हैं. माओवादियों का कहना है कि संविधान सभा का गठन होने से पहले सरकार को एक अंतरिम संविधान और एक अंतरिम सरकार की घोषणा करनी चाहिए. हिंसा की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. हालांकि माओवादियों ने हिंसा की संभावना से इनकार किया है. पिछले दस सालों के माओवादी विद्रोह में कोई तेरह हज़ार लोगों की मौत हुई है. सात राजनीतिक दलों के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद राजा ज्ञानेंद्र ने संसद को बहाल करने और एक साझा सरकार के गठन को मंज़ूरी दी थी. माओवादियों ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया था. राजा की उपस्थिति उधर संसद की बहाली के बाद राजा ज्ञानेंद्र भी पहली बार सार्वजिक रुप से उपस्थित होने वाले हैं. वे काठमांडू के पास ललितपुर में एक धार्मिक आयोजन में भाग लेंगे. जहाँ राजा ज्ञानेंद्र को जाना है वो जगह माओवादियों के रैली स्थल से दस किलोमीटर से भी कम दूरी पर है. माओवादी विद्रोही देश से राजशाही को ख़त्म करने की माँग कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि संविधान सभा के गठन से राजशाही को हटाया जा सकेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें संघर्षविराम की निगरानी पर सहमति26 मई, 2006 | भारत और पड़ोस ऐसा है माओवादी नेता प्रचंड का जीवन24 मई, 2006 | भारत और पड़ोस राजा के अधिकारों में कटौती का प्रस्ताव18 मई, 2006 | भारत और पड़ोस शांति वार्ता में मदद को तैयार: संयुक्त राष्ट्र08 मई, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने किया संघर्षविराम26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री पद के लिए कोइराला चुने गए25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नरेश ने संसद बहाल करने की घोषणा की24 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में घटनाचक्र: एक नज़र23 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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