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झारखंड विस्फोट में 12 जवानों की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुलिस का कहना है कि झारखंड के सिंहभूम ज़िले में एक शाक्तिशाली बारूदी सुरंग के विस्फोट में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के कम से कम 12 जवान मारे गए हैं. इस विस्फोट के पीछे माओवादियों का हाथ माना जा रहा है. यह घटना राजधानी रांची से लगभग 250 किलोमीटर दूर किरिबुरु और करमपाड़ा इलाक़े के बीच उस समय हुई जब सुरक्षाबल एक स्थानीय स्कूल में एक देसी बम को नाकाम करने गए हुए थे. पुलिस महानिदेशक( विशेष दल) बीसी वर्मा ने बताया कि जब पुलिस दल वापस लौट रहा था, उस समय अचानक बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ. यह विस्फोट इतना शाक्तिशाली था कि इससे वाहन नष्ट हो गया और काफ़ी दूर जा गिरा. इसी में केंद्रीय सुरक्षाबल के जवान सवार थे. पुलिस को संदेह है कि माओवादियों ने ही स्कूल में बम में रखा हो सकता है ताकि वे सुरक्षाबलों को निशाना बना सकें. ग़ौरतलब है कि बुधवार को माओवादियों और पुलिस के बीच छतरा नामक इलाक़े में गोलीबारी हुई थी. इस दौरान दो माओवादी गिरफ़्तार भी किए गए थे जिसमें एक महिला कमांडर भी थी. इसके पहले लातेहार ज़िले में माओवादियों ने एक यात्री ट्रेन को कब्ज़े में ले लिया था. उसे बाद में सुरक्षाबलों ने मुक्त कराया. हालांकि इस दौरान यात्रियों को तो कोई हानि नहीं पहुँची लेकिन माओवादियों ने इंजन को नुक़सान पहुँचा दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें ट्रेन कब्ज़े से मुक्त, सभी यात्री सुरक्षित13 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस बिहार-झारखंड में नक्सलियों के हमले26 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस गढ़चिरौली में नक्सली विस्फोट, 12 की मौत16 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'पुलिस कार्रवाई के साथ विकास भी हो'13 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले में 25 से अधिक की मौत28 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नाज़ुक कंधों पर बंदूकों का बोझ14 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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