|
ट्रेन कब्ज़े से मुक्त, सभी यात्री सुरक्षित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुलिस का कहना है कि भारत के झारखंड राज्य में लातेहार ज़िले में संदिग्ध नक्सलवादियों ने जिस यात्री ट्रेन को कब्ज़े में लिया था, उसे मुक्त करा लिया है. बड़काकाना से मुगलसराय जा रही इस स्थानीय ट्रेन को सोमवार की शाम क़रीब साढ़े सात बजे नक्सलियों ने रोका और फिर क़ब्ज़े में ले लिया. झारखंड के पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) बीसी वर्मा का कहना था कि सुरक्षाबल के लगभग 400 जवान घटनास्थल पर पहुँचे थे. उनका कहना था कि रेल का ड्राइवर, गार्ड और यात्री सभी सुरक्षित हैं. हालांकि नक्सलवादियों ने इंजन को थोड़ा नुक़सान पहुँचा दिया था. लातेहार स्टेशन के डिप्टी स्टेशन मास्टर एनके राय ने बीबीसी को बताया कि जब इस ट्रेन को मुक्त कराया गया तो इसमें लगभग 42 यात्रा सवार थे और सभी सुरक्षित हैं. उनका कहना था कि घटनास्थल पर सुरक्षाबलों के साथ रेलवे के अधिकारी पहुँच गए हैं. घटना ख़बरों के अनुसार नक्सलवादियों ने रेलगाड़ी के ड्राइवर और गार्ड से उनके वॉकीटॉकी छीन लिए थे और रेल में सवार किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं हो पा रहा था. जिस इलाक़े में ट्रेन को रोका गया था वो काफ़ी दुर्गम इलाक़ा था और आसपास घने जंगल है. रेलगाड़ी के अलावा और किसी ज़रिए से वहाँ पहुँचना बेहद मुश्किल था. दरअसल नक्सलवादियों ने सोमवार को इस क्षेत्र में बंद का आह्ववान किया था. नक्सलियों की शिकायत थी कि पलामू ज़िले में उनके एक कमांडर को फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया है. भारत के झारखंड, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश राज्यों में नक्सली काफ़ी सक्रिय हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें छत्तीसगढ़ में अगवा पुलिसकर्मी रिहा12 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस दंतेवाड़ा में नक्सली हमले, छह मरे06 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सलियों ने रेलवे इंजन उड़ाया05 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले पर संसद में हंगामा01 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले में 25 से अधिक की मौत28 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली पहुँचे विधायकों के दरवाज़े22 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||