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'छापामारों पर हत्या का आरोप' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंकाई सेना ने तमिल छापामारों पर सिंहला मूल के 12 मज़दूरों की गोली मार कर हत्या कर देने का आरोप लगाया है. छापामारों ने इसका खंडन किया है. सेना के प्रवक्ता के अनुसार हत्याकांड पूर्वी बट्टिकलोआ प्रांत में हुआ है. मारे गए मज़दूर एक सरकारी बाँध परियोजना में काम कर रहे थे. प्रवक्ता के अनुसार छापामारों ने परियोजना स्थल से 14 सिंहला मज़दूरों का अपहरण कर लिया था. दो अपहृत मज़दूर किसी तरह छापामारों के चंगुल से भाग निकले. उन्होंने अधिकारियों को इसकी सूचना दी. लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. बाद में अधिकारियों को अपहृत बनाए गए 12 मज़दूरों के शव मिले. सेना के प्रवक्ता के अनुसार मज़दूरों की हत्या सिर में गोली मार कर की गई. 'आतंकवादी संगठन' छापामारों पर हत्याकांड का आरोप ऐसे समय लगाया गया है जब यूरोपीय संघ ने तमिल छापामारों के संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (एलटीटीई) को प्रतिबंधित 'आतंकवादी' संगठनों की सूची में रखने का निर्णय लिया है. यूरोपीय संघ के मंत्रियों ने ये निर्णय लिया है. इस निर्णय का असर ये होगा कि यूरोपीय संघ के 25 सदस्य देशों में एलटीटीई की संपत्ति सील कर दी जाएगी. इससे पहले अमरीका ने भी ऐसा ही निर्णय लिया था. अमरीका का तर्क था कि वो चाहता है कि इस संगठन की हथियार और पैसों तक पहुँच ख़त्म हो. संवाददाताओं का कहना है कि विदेशों में जा बसे श्रीलंकाई तमिल, एलटीटीई के लिए धनराशि जुटाने का बड़ा साधन हैं. हाल ही में श्रीलंका में हिंसा की घटनाओं से हुई बढ़ोत्तरी के बाद एलटीटीई और सरकार के बीच चार साल पहले हुए संघर्ष विराम ख़त्म हो गया है. पिछले कुछ हफ़्तों में हिंसा की घटनाओं में 100 से भी ज़्यादा लोगों की मौत हुई है. तमिल विद्रोहियों ने अपने आपको शांतिवार्ता से भी अलग कर लिया है. तमिल विद्रोहियों ने हाल ही में कहा था कि यदि यूरोपीय संघ उनके संगठन पर प्रतिबंध लगाता है तो इससे युद्ध को बढ़ावा मिलेगा और ये शांतिवार्ता में शामिल होने का उनके रास्ते को रोकेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में कठिन है शांति की राह12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई से मतभेद सुलझाना चाहते हैं'09 मई, 2006 | भारत और पड़ोस हमले के बीच हज़ारों लोगों का पलायन26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस छापामार शांति वार्ता में शामिल नहीं होंगे20 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका शांति वार्ता पर बादल मंडराए15 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई पर जबरन वसूली का आरोप15 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका समय चक्र - 112 मई, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका समय चक्र - 212 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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